प्यार, शादी और फिर रहस्यमयी मौत: 35 दिन बाद कब्र से निकाला गया युवती का शव, जांच में जुटी पुलिस
प्रयागराज और रीवा से जुड़े 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर जांच का विषय बन गया है। युवती की मौत के 35 दिन बाद कब्र से शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। परिवार ने युवती के पति और उसके परिजनों पर पहचान छिपाकर शादी करने, प्रताड़ित करने और हत्या करने के आरोप लगाए हैं। वहीं आरोपी पक्ष इसे सामान्य बीमारी से हुई मौत बता रहा है। मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जांच अब पुलिस कर रही है।
पहचान छिपाकर दोस्ती और शादी का आरोप
मृतका की मां बेबी देवी का आरोप है कि उनकी बेटी गोल्डी साकेत हैदराबाद में नौकरी के दौरान एक युवक के संपर्क में आई थी। परिवार का दावा है कि युवक ने खुद को ‘प्रिंस’ बताकर गोल्डी से दोस्ती की और बाद में दोनों ने मंदिर में विवाह कर लिया। आरोप है कि शादी के बाद युवती को पता चला कि युवक का वास्तविक नाम साहिल खान है। परिवार के अनुसार पहचान छिपाए जाने के बावजूद गोल्डी ने रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां उसके खिलाफ होती चली गईं।
गर्भावस्था के दौरान प्रताड़ना के आरोप
परिजनों का कहना है कि विवाह के कुछ समय बाद गोल्डी गर्भवती हो गई थी। इसी दौरान उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न बढ़ गया। परिवार का आरोप है कि गोल्डी ने घर लौटकर अपने साथ हो रहे व्यवहार की जानकारी दी थी और दोबारा ससुराल नहीं जाने की इच्छा जताई थी। हालांकि बाद में साहिल उसे समझाकर अपने साथ वापस ले गया। परिजनों का दावा है कि इसके बाद भी प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा और अंततः उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मौत के बाद परिवार को नहीं दी गई सूचना
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि परिवार को युवती की मौत की जानकारी समय पर नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि 10 मई को गोल्डी की मौत हो गई थी, लेकिन उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई और शव को चुपचाप दफना दिया गया। करीब एक महीने बाद जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस और प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।
35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव
परिवार की शिकायत के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी आदेश जारी कर युवती के शव को कब्र से निकलवाया। मौत के 35 दिन बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मेडिकल टीम ने विस्तृत जांच की, लेकिन रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। इससे मामला और उलझ गया है। अब पुलिस और चिकित्सा विशेषज्ञ अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं ताकि मौत की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
आरोपी पक्ष ने बीमारी से मौत का किया दावा
दूसरी ओर साहिल खान और उसके परिवार का कहना है कि गोल्डी की मौत किसी साजिश या हिंसा का परिणाम नहीं थी। उनका दावा है कि गर्भावस्था के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसे उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। परिवार के अनुसार पहले उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया था।
जांच के केंद्र में कई अहम सवाल
मामले में कई ऐसे प्रश्न हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है। यदि मौत सामान्य थी तो मृतका के परिवार को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई? मौत के तुरंत बाद दफनाने की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई? अस्पताल के रिकॉर्ड क्या आरोपी पक्ष के दावों की पुष्टि करते हैं? गर्भावस्था के दौरान प्रताड़ना के आरोप कितने सही हैं? इन सभी बिंदुओं को पुलिस जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारी कॉल डिटेल, मेडिकल रिकॉर्ड, परिवार के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। जांच एजेंसियां मेडिकल दस्तावेजों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।