पाकिस्तान में लश्कर कमांडर की हत्या: ईद के बाद हमला, उसी ठिकाने के पास मारा गया जिसे भारत ने बनाया था निशाना
पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक अहम कमांडर की हत्या ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। बिलाल आरिफ सलाफी को ईद की नमाज के तुरंत बाद मुरीदके में गोली और चाकू से मार दिया गया। खास बात यह है कि उसे उसी इलाके में निशाना बनाया गया, जहां भारत पहले आतंकी ढांचे पर कार्रवाई कर चुका है। इस घटना ने पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी अस्थिरता और आंतरिक संघर्षों को फिर उजागर कर दिया है।
ईद के बाद खूनखराबा: कमांडर को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, बिलाल आरिफ सलाफी पर हमला उस समय किया गया जब वह ईद की नमाज अदा कर लौट रहा था। हमलावरों ने पहले उस पर चाकू से हमला किया और फिर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। यह हमला बेहद सुनियोजित माना जा रहा है, क्योंकि इसे भीड़भाड़ वाले समय में अंजाम दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले में शामिल संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
मुरीदके में मौत: वही ठिकाना जहां भारत ने किया था एक्शन
बिलाल की हत्या लाहौर के पास स्थित मुरीदके में हुई, जो लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। यह वही जगह है, जिसे भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान निशाना बनाकर आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस लोकेशन का दोबारा सुर्खियों में आना इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र अभी भी आतंकी गतिविधियों के लिए संवेदनशील बना हुआ है।
आतंकी भर्ती का जिम्मेदार: युवाओं का करता था ब्रेनवॉश
बिलाल आरिफ सलाफी संगठन में भर्ती नेटवर्क का अहम हिस्सा था। उसकी जिम्मेदारी युवाओं की पहचान कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर मोड़ना और संगठन के लिए तैयार करना थी। सूत्रों के मुताबिक, वह खासतौर पर मुरीदके क्षेत्र में सक्रिय था और कई युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल कराने में उसकी भूमिका रही है। हालांकि, भारत की वांटेड सूची में उसका नाम शामिल नहीं था, लेकिन संगठन के भीतर उसकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी।
हत्या के पीछे वजह पर सस्पेंस, अंदरूनी विवाद की आशंका
फिलहाल इस हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। हालांकि, जांच एजेंसियों को शक है कि यह हमला किसी व्यक्तिगत या आंतरिक विवाद का नतीजा हो सकता है। कुछ सूत्र इसे आतंकी संगठनों के बीच आपसी टकराव से भी जोड़कर देख रहे हैं। पाकिस्तान में हाल के समय में आतंकी गुटों के बीच संघर्ष बढ़ा है, जिससे इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
आतंकवाद में घिरा पाकिस्तान: वैश्विक रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े
हाल ही में जारी ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान को सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बताया गया है। साल 2025 में यहां 1000 से ज्यादा आतंकी हमले दर्ज किए गए, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि वर्षों तक आतंक को पनाह देने वाला पाकिस्तान अब खुद उसी समस्या से जूझ रहा है।
TTP बना सबसे बड़ा खतरा, सीमाओं पर बढ़ा तनाव
पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) बन चुका है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में इस संगठन ने हिंसा को चरम पर पहुंचा दिया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर TTP को समर्थन देने का आरोप लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ईद जैसे मौके पर भी संघर्ष विराम की जरूरत महसूस की गई।