उदयपुर में जमीन विवाद बना जानलेवा: वृद्ध की मौत, हत्या का मामला दर्ज; मुख्य आरोपी की तलाश जारी
राजस्थान के उदयपुर में जमीन और निर्माण विवाद के दौरान 65 वर्षीय व्यक्ति की कथित मारपीट के बाद मौत हो गई। घटना प्रतापनगर थाना क्षेत्र के सुंदरवास ओस्तवाल नगर की है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक अधिवक्ता समेत तीन लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और जैन समाज ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
निर्माण कार्य को लेकर विवाद के बाद हुई मारपीट
पुलिस के अनुसार, मृतक सागरमल मेहता (65) मूल रूप से खेरोदा के निवासी थे और वर्तमान में सुंदरवास ओस्तवाल नगर में रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनके मकान के पीछे एक निर्माण कार्य चल रहा था, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद था। मंगलवार शाम इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई, जो कथित रूप से हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद सागरमल मेहता को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने तीन लोगों पर लगाया हमले का आरोप
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाद बढ़ने पर अधिवक्ता प्रवीण सिंह आसोलिया, उनके एक रिश्तेदार और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर सागरमल मेहता के साथ मारपीट की। परिजनों का दावा है कि गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। घटना के बाद नामजद आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
निर्माण और सेटबैक को लेकर पहले भी था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच निर्माण कार्य और निर्धारित सेटबैक (निर्माण के लिए छोड़ी जाने वाली अनिवार्य दूरी) को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। शिकायत के बाद संबंधित प्राधिकरण ने निर्माण कार्य रुकवाया था। बाद में आरोपी पक्ष के न्यायालय से राहत (स्टे) लेने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की बात सामने आई है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि विवाद की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके।
हत्या का मामला दर्ज, फरार आरोपियों की तलाश जारी
प्रतापनगर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर प्रथम दृष्टया हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जैन समाज ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
घटना की जानकारी फैलते ही जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल और प्रतापनगर थाने पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।