Rajasthan News: कोटा रेलवे स्टेशन पर शॉर्ट सर्किट से आग, तेज धमाकों से मची अफरा-तफरी
राजस्थान के कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बारिश के दौरान बड़ा हादसा टल गया। गुरुवार रात प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर फुट ओवर ब्रिज के नीचे विद्युत पैनल में शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद बिजली के तारों और इलेक्ट्रिकल बॉक्स से चिंगारियां निकलने लगीं। कुछ ही देर में आग की लपटें उठीं और तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। स्टेशन पर मौजूद यात्री और कर्मचारी घबरा गए और सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत बिजली की सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद आग पर काबू पा लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बारिश के दौरान विद्युत पैनल में हुआ शॉर्ट सर्किट
जानकारी के अनुसार कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर फुट ओवर ब्रिज के नीचे लगे विद्युत पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। उस समय बारिश हो रही थी और स्टेशन पर यात्री मौजूद थे।
शॉर्ट सर्किट के बाद केबल और इलेक्ट्रिकल बॉक्स से चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते वहां आग की लपटें दिखाई देने लगीं। धुआं भी तेजी से फैलने लगा।
तेज धमाकों की आवाज से सहमे यात्री
शॉर्ट सर्किट के बाद इलेक्ट्रिकल बॉक्स और केबलों से एक के बाद एक तेज धमाकों की आवाज आने लगी। आग की लपटें फुट ओवर ब्रिज की सीढ़ियों तक पहुंचती दिखाई दीं।
धमाकों और आग को देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले गए।
कर्मचारियों ने तुरंत बंद करवाई बिजली
घटना के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने तेजी से कार्रवाई की। कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी और प्रभावित क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद करवाई।
पावर कट होने के बाद तारों में हो रही स्पार्किंग और आग का फैलाव रुक गया। इसके बाद स्टेशन पर उपलब्ध फायर फाइटिंग उपकरणों की मदद से आग को नियंत्रित किया गया।
फुट ओवर ब्रिज की तरफ जा रहे यात्रियों को रोका
घटना के समय फुट ओवर ब्रिज की तरफ से यात्री आ-जा रहे थे। आग और धमाकों की स्थिति को देखते हुए वहां मौजूद लोगों ने यात्रियों को प्रभावित हिस्से की ओर जाने से रोक दिया।
बताया गया कि घटना वाली जगह के आसपास बिजली और अन्य विभागों के कार्यालय भी हैं। कर्मचारियों ने समय रहते बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया।
मोबाइल कैमरों में कैद हुई घटना
कोटा रेलवे स्टेशन पर आग और धमाकों की घटना को कुछ यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं।
वीडियो में इलेक्ट्रिकल पैनल के आसपास आग की लपटें और धुआं दिखाई देता है। कुछ वीडियो में धमाकों की आवाज भी सुनाई दे रही है।
बारिश और नमी को लेकर जांच
प्रारंभिक तौर पर बारिश और नमी के कारण विद्युत केबलों में शॉर्ट सर्किट होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रेलवे की इलेक्ट्रिकल टीम प्रभावित केबल और पैनल की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि बारिश का पानी इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक किस तरह पहुंचा।
रेलवे अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
घटना के बाद वेस्ट सेंट्रल रेलवे के कोटा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। इलेक्ट्रिकल विंग को प्रभावित केबलों की मरम्मत और जरूरी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान विद्युत उपकरणों में पानी की नमी से ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए वाटरप्रूफिंग की भी जांच की जा रही है।
समय पर बिजली कटने से टला बड़ा हादसा
घटना के दौरान स्टेशन पर यात्रियों और कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय पर पावर सप्लाई बंद होने से आग के फैलने का खतरा कम हुआ।
अब रेलवे प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट होगा कि शॉर्ट सर्किट की वजह क्या थी और विद्युत व्यवस्था में किन सुधारों की जरूरत है। घटना ने बारिश के दौरान रेलवे स्टेशनों की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ध्यान खींचा है।