Rajasthan Nikay Chunav: बीकानेर में कांग्रेस का बहुमत, नवरत्न डागा ने वापस लिया पर्चा; मेयर चुनाव का गणित बदला
राजस्थान निकाय चुनाव के बाद बीकानेर नगर निगम में मेयर चुनाव का गणित कांग्रेस के पक्ष में बदल गया है। 80 वार्डों वाले निगम में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। भाजपा को 27, निर्दलीयों को 10 और RLP को एक सीट मिली है। इसी बीच कांग्रेस के बागी नेता नवरत्न डागा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दाखिल नामांकन वापस ले लिया। उनके नामांकन वापसी के बाद मेयर चुनाव में कांग्रेस के सामने मौजूद एक प्रमुख चुनौती खत्म हो गई है। बीकानेर में मेयर पद के लिए चुनाव 21 सितंबर को होना है।
कांग्रेस ने 42 वार्डों में दर्ज की जीत
बीकानेर नगर निगम के चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने 42 वार्डों में जीत दर्ज की। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 41 है। ऐसे में कांग्रेस के पास बोर्ड गठन के लिए जरूरी संख्या से एक अधिक पार्षद हैं।
वहीं भाजपा 27 वार्डों में जीत हासिल कर सकी। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 10 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि RLP को एक सीट मिली। परिणाम के बाद कांग्रेस के पास बोर्ड गठन के लिए स्पष्ट संख्या बल है।
नवरत्न डागा ने वापस लिया निर्दलीय नामांकन
मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवरत्न डागा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। उनके मैदान में रहने से कांग्रेस के लिए चुनावी समीकरण अलग हो सकते थे।
नामांकन वापसी के अंतिम दिन डागा ने अपना पर्चा वापस ले लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। नामांकन वापसी के बाद कांग्रेस खेमे में मेयर चुनाव को लेकर स्थिति पहले से अलग हुई है।
भाजपा के सामने अब बोर्ड में संख्या बल की चुनौती
बीकानेर नगर निगम में भाजपा के 27 पार्षद चुने गए हैं। वहीं कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं। इस संख्या बल के कारण मेयर चुनाव में दोनों दलों की स्थिति अलग है।
हालांकि, मेयर पद के लिए औपचारिक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम परिणाम सामने आएगा। फिलहाल कांग्रेस के पास निर्वाचित पार्षदों की संख्या के आधार पर बहुमत मौजूद है।
गंगाशहर के नतीजों ने बदला स्थानीय समीकरण
चुनाव परिणामों में गंगाशहर क्षेत्र भी चर्चा में रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गंगाशहर के 16 वार्डों में भाजपा को केवल दो सीटों पर जीत मिली।
यह क्षेत्र लंबे समय से भाजपा के मजबूत प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता रहा है। यहां के नतीजों के बाद स्थानीय भाजपा संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
बीकानेर पश्चिम के नतीजों पर भी नजर
बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में भी नगर निगम चुनाव के परिणामों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार क्षेत्र के 39 वार्डों में भाजपा को 23 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज की थी। नगर निगम चुनाव के परिणाम उससे अलग तस्वीर दिखाते हैं। हालांकि दोनों चुनावों की परिस्थितियां और मुद्दे अलग होते हैं।
भाजपा नेताओं के क्षेत्रों में भी बदले समीकरण
नगर निगम चुनाव के परिणामों में भाजपा के कुछ प्रमुख नेताओं से जुड़े क्षेत्रों में भी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर चर्चा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार पार्टी के महामंत्री मोहन सुराणा की पत्नी चुनाव हार गईं।
वहीं शहर भाजपा अध्यक्ष सुमन छाजेड़ से जुड़ी प्रत्याशी के हारने की भी जानकारी सामने आई है। इन परिणामों के बाद भाजपा की ओर से चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा की बात कही गई है।
21 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव
बीकानेर नगर निगम में मेयर पद का चुनाव 21 सितंबर को होना है। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। निगम मुख्यालय में मेयर के कक्ष की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कांग्रेस के पास 42 पार्षद होने के कारण उसके पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद है। अब पार्टी की ओर से मेयर पद के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवार के नाम पर नजर रहेगी।
चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस में मेयर पद पर मंथन
बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस में मेयर पद के उम्मीदवार को लेकर चर्चा शुरू होना स्वाभाविक है। नवरत्न डागा के नामांकन वापस लेने के बाद निर्दलीय स्तर पर मौजूद चुनौती भी कम हुई है।
हालांकि मेयर पद का अंतिम नाम पार्टी नेतृत्व और चुनाव प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं भाजपा भी परिणामों की समीक्षा और बोर्ड की भूमिका को लेकर आगे की रणनीति तय करेगी।