Kota News: राम बारात से पहले झाड़ू लेकर सड़क पर उतरीं महापौर, खुद चलाई कचरा गाड़ी
कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के तहत राम बारात शोभायात्रा से पहले महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने गुरुवार सुबह 6 बजे सफाई अभियान चलाया। उन्होंने हाथ में झाड़ू लेकर सड़क और दुकानों के सामने फैला कचरा साफ किया। इसके बाद खुद कचरा गाड़ी चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान में उपमहापौर, पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों ने भी श्रमदान किया। महापौर ने त्योहारों के दौरान नियमित सफाई और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गीता भवन से शुरू हुआ सफाई अभियान
कोटा में राम बारात शोभायात्रा के मार्ग को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सफाई अभियान की शुरुआत रामपुरा रोड स्थित गीता भवन से हुई। महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के अधिकारियों के साथ सड़क पर सफाई की।इस दौरान सड़क किनारे और दुकानों के सामने फैले कचरे को एकत्र किया गया। इसके बाद कचरे को गाड़ी में डाला गया। राम बारात में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मार्ग की सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया।
महापौर ने खुद चलाई कचरा गाड़ी
सफाई अभियान के दौरान महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने खुद झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इसके बाद उन्होंने कचरा गाड़ी भी चलाई। इस पहल के जरिए उन्होंने शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।महापौर ने कहा कि सफाई केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाए, तो कोटा को स्वच्छ शहर बनाने के प्रयासों को गति मिल सकती है।
जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ कोटा
महापौर ने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। शहरवासियों को नियमित रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और सार्वजनिक जगहों को गंदा न करें।उनके अनुसार, जनभागीदारी के बिना स्वच्छता अभियान को सफल बनाना मुश्किल है। नगर निगम और आमजन के साझा प्रयासों से शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जा सकता है। दशहरा मेले जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नियमित रखने के निर्देश
महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर में कहीं भी कचरे के ढेर नहीं लगने चाहिए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था नियमित और सुचारू रूप से संचालित की जाए।उन्होंने बताया कि दशहरा मेला समाप्त होने के बाद शहर के प्रत्येक वार्ड में सुबह के समय इसी तरह सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य सफाई व्यवस्था में सुधार करना और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना है।
उपमहापौर और पार्षदों ने भी किया श्रमदान
गीता भवन से शुरू हुए अभियान में उपमहापौर विवेक राजवंशी सहित कई पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें शोमा अलुवालिया, सुनीता नायक, सीमा चौधरी, भंवरलाल, आरडी वर्मा, देवेंद्र शर्मा, सुरेश सिंह जादौन, मुकेश शर्मा, सुनीता सेन और प्रेम सिंह शामिल रहे।इसके अलावा नंद कंवर हाड़ा, भूपेंद्र भाया, सामाजिक कार्यकर्ता सीमा भलवाल और महेश आहूजा सहित नगर निगम के अधिकारियों ने भी श्रमदान किया। सभी ने शहर को स्वच्छ बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों के दौरान सफाई व्यवस्था बेहतर रखने का संदेश दिया।
दशहरा मेले के दौरान सफाई व्यवस्था पर जोर
कोटा का राष्ट्रीय दशहरा मेला शहर के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। राम बारात शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आमजन की आवाजाही रहती है। ऐसे में शोभायात्रा मार्ग पर सफाई बनाए रखना नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण है।महापौर के अभियान के बाद अब शहर के वार्डों में नियमित सफाई और कचरा संग्रहण व्यवस्था पर ध्यान रहेगा। स्वच्छता अभियान का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि सफाई व्यवस्था को रोजाना कितनी नियमितता से लागू किया जाता है।