खान सर पर नीरज बबलू का बड़ा हमला, फ्रॉड बताकर जांच व गिरफ्तारी की मांग
बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री नीरज कुमार बबलू ने चर्चित शिक्षक खान सर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने खान सर को “फ्रॉड” और “बहरूपिया” बताते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बबलू ने न केवल उनकी कोचिंग संस्थान और अस्पताल की जांच की मांग उठाई, बल्कि संपत्ति, टैक्स और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कराने की बात कही। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और शिक्षा जगत में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
फ्रॉड और बहरूपिया के आरोप
भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू ने खान सर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “फ्रॉड और बहरूपिया” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर अपनी अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक छवियों के माध्यम से छात्रों को प्रभावित करते हैं। बबलू के अनुसार, वे कभी तिलक लगाकर, कभी धार्मिक प्रतीकों का उपयोग कर छात्रों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं, जबकि असल में यह एक “नाटक” है। उन्होंने कहा कि यह तरीका छात्रों को गुमराह करने जैसा है और इससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ता है। हालांकि ये सभी आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कोचिंग और अस्पताल पर कार्रवाई की मांग
नीरज बबलू ने अपने बयान में पटना में संचालित खान सर की कोचिंग संस्थान को तत्काल सील करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के संस्थान छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने खान सर से जुड़े एक अस्पताल पर भी गंभीर सवाल उठाए और वहां कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। बबलू ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि इन सभी संस्थानों की गहन जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आ सके और छात्रों के हितों की रक्षा की जा सके।
संपत्ति और टैक्स जांच की मांग
पूर्व मंत्री ने खान सर की आय और संपत्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मांग की है कि यह जांच की जाए कि कोचिंग और अन्य माध्यमों से उनकी कुल आय कितनी है और क्या वे सभी टैक्स नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। बबलू ने यह भी कहा कि वित्तीय लेन-देन की विस्तृत स्क्रूटनी जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की टैक्स चोरी या अनियमितता सामने आ सके। उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
राजनीतिक बयान और आगे की स्थिति
इस पूरे विवाद ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां नीरज बबलू ने कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी तक की मांग की है, वहीं इस मामले को लेकर समर्थक और विरोधी पक्षों में अलग-अलग राय सामने आ रही है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले समय में इस पर और बयानबाजी या जांच की स्थिति बन सकती है।