खैरथल में पर्ची से BJP की जीत, विक्रम चौधरी बने सभापति; कांग्रेस 22-22 की बराबरी पर हारी
खैरथल नगर परिषद सभापति चुनाव में सोमवार को बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा को 22-22 वोट मिले। एक पार्षद मतदान के दौरान अनुपस्थित रहा। बराबरी के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार पर्ची से फैसला कराया। एक बच्ची ने पर्ची निकाली, जिसमें भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी का नाम आया। इसके बाद उन्हें खैरथल नगर परिषद का सभापति निर्वाचित घोषित किया गया।
22-22 वोट के बाद पर्ची से हुआ फैसला
खैरथल नगर परिषद सभापति चुनाव में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला रहा। मतदान पूरा होने के बाद दोनों प्रत्याशियों को बराबर 22-22 वोट मिले।एक पार्षद के मतदान में शामिल नहीं होने के कारण किसी भी प्रत्याशी को बढ़त नहीं मिली। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार पर्ची के जरिए विजेता तय करने की प्रक्रिया अपनाई।
मासूम बच्ची ने निकाली पर्ची, BJP के विक्रम चौधरी जीते
पर्ची से फैसला होने के दौरान सभी की निगाहें उस बच्ची पर टिक गईं, जिसे पर्ची निकालने के लिए बुलाया गया था।बच्ची ने पर्ची निकाली तो उसमें भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी का नाम सामने आया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने विक्रम चौधरी को सभापति निर्वाचित घोषित कर दिया। पर्ची से फैसला होने के कारण चुनाव परिणाम की चर्चा पूरे क्षेत्र में रही।
विक्रम चौधरी ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ
सभापति निर्वाचित होने के बाद विक्रम चौधरी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने नगर परिषद के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताईं।मीडिया से बातचीत में विक्रम चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उन्होंने नगर परिषद से जुड़े जिन मुद्दों को उठाया था, उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
अधूरे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का दावा
विक्रम चौधरी ने कहा कि पिछले कार्यकाल में जो विकास कार्य पूरे नहीं हो सके, उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। उन्होंने खैरथल में विकास कार्यों को नई गति देने की बात कही।उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र की समस्याओं को लेकर काम करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात भी कही।
समर्थकों ने जगह-जगह किया स्वागत
विक्रम चौधरी के सभापति चुने जाने के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। नगर परिषद से उनके निवास की ओर रवाना होने के दौरान रास्ते में कई स्थानों पर समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।समर्थकों ने विक्रम चौधरी को माला पहनाई और जीत की बधाई दी। इस दौरान उनके साथ समर्थकों का जुलूस भी आगे बढ़ता रहा।
45 सदस्यीय परिषद में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
खैरथल नगर परिषद में इस बार कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। भाजपा के 8 और निर्दलीय 17 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे।45 सदस्यीय परिषद में बहुमत के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर सके और 22 वोट पर मुकाबला बराबरी पर रुक गया।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष के BJP में आने से बदला समीकरण
सभापति चुनाव से पहले खैरथल की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ। कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी भाजपा में शामिल हुए और भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे।इसके बाद सभापति पद का मुकाबला विक्रम चौधरी और कांग्रेस के ओमप्रकाश रोघा के बीच केंद्रित हो गया। अंतिम समय तक दोनों खेमों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद चलती रही।
पर्ची के फैसले ने बदल दी खैरथल की सियासी तस्वीर
कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सभापति पद उसके हाथ नहीं आया। 22-22 वोट की बराबरी के बाद पर्ची से निकला फैसला भाजपा के पक्ष में गया।
इस परिणाम के बाद खैरथल नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनने का रास्ता साफ हो गया। वहीं स्थानीय राजनीति में दलगत एकजुटता, निर्दलीय पार्षदों और बदले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।