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भिवाड़ी में वंशिका होम्स सोसाइटी के पंजीकरण पर विवाद गहराया, 200 लोगों ने किया प्रदर्शन; जांच पूरी होने तक रोक लगाने की मांग

खैरथल-तिजारा। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित वंशिका होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के पंजीकरण को लेकर विवाद गहरा गया है। सोसाइटी के वर्तमान अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में करीब 200 लोग गुरुवार को उप रजिस्ट्रार, सोसाइटीज कार्यालय पहुंचे। यहां लोगों ने नारेबाजी कर कथित विवादित पंजीकरण के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने 6 अक्टूबर को ‘वंशिका होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी, भिवाड़ी’ के नाम से किए गए पंजीकरण को पुलिस जांच पूरी होने तक निलंबित या रद्द करने की मांग की। इस दौरान लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। बाद में अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने उप रजिस्ट्रार को लिखित शिकायत सौंपकर संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने और मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

वंशिका होम्स सोसाइटी के पंजीकरण को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

भिवाड़ी की वंशिका होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के पंजीकरण को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ लिया है। सोसाइटी के वर्तमान अध्यक्ष और उनके समर्थकों ने पंजीकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संबंधित कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि 6 अक्टूबर को सोसाइटी के नाम से किया गया नया पंजीकरण कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि सोसाइटी की कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया पहले से प्रस्तावित थी। ऐसे में पंजीकरण और कार्यकारिणी से संबंधित अभिलेखों में की गई प्रविष्टियों की जांच की जानी चाहिए।इसी मुद्दे को लेकर करीब 200 लोग उप रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक विवादित पंजीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई रोक दी जाए।हालांकि, पंजीकरण में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यालय पहुंचे लोग

वंशिका होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के वर्तमान अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में लोगों ने खैरथल-तिजारा स्थित उप रजिस्ट्रार, सोसाइटीज कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए पंजीकरण की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सोसाइटी से जुड़े मामले में सभी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की जांच जरूरी है, ताकि सदस्यों के बीच किसी तरह का विवाद आगे न बढ़े।प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद अनिल कुमार सिंह ने उप रजिस्ट्रार को लिखित शिकायत सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।शिकायत में पंजीकरण की परिस्थितियों की जांच करने, संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और जांच पूरी होने तक विवादित पंजीकरण पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

25 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं सोसाइटी की कार्यकारिणी के चुनाव

इस विवाद में सोसाइटी की प्रस्तावित चुनाव प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण पहलू है। शिकायत के अनुसार, वंशिका होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी की वर्ष 2026-2028 की कार्यकारिणी के चुनाव 25 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं।शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि चुनाव की सूचना 13 अक्टूबर को संबंधित कार्यालय को भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद 6 अक्टूबर को सोसाइटी के नाम से नया पंजीकरण किए जाने और कार्यकारिणी से जुड़े अभिलेखों में प्रविष्टियां किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पंजीकरण की तारीख, आवेदन की प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि पंजीकरण किस आवेदन और किस आधार पर किया गया।चुनाव नजदीक होने के कारण सोसाइटी के सदस्यों के बीच इस विवाद का समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पंजीकरण और चुनाव प्रक्रिया के बीच कानूनी संबंध तथा किसी संभावित अनियमितता की स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मूल आवेदन से लेकर सदस्य सूची तक सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग

अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह की ओर से सौंपे गए शिकायत पत्र में संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि जांच के दौरान मूल दस्तावेज उपलब्ध रहना जरूरी है, ताकि पंजीकरण से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।प्रदर्शनकारियों ने जिन दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग की है, उनमें मूल आवेदन, चुनाव परिणाम, बैठक की कार्यवाही, सदस्य सूची और हस्ताक्षरों से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।उनका कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि पंजीकरण की प्रक्रिया में किन अभिलेखों का इस्तेमाल हुआ और संबंधित प्रविष्टियां किस आधार पर की गईं।शिकायतकर्ता पक्ष ने यह आशंका भी जताई है कि जांच के दौरान दस्तावेजों में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हालांकि, दस्तावेजों में छेड़छाड़ होने का कोई निष्कर्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। यह शिकायत में उठाई गई आशंका है, जिसकी पुष्टि जांच से ही हो सकेगी।

जांच पूरी होने तक पंजीकरण निलंबित या रद्द करने की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि 6 अक्टूबर को हुए कथित विवादित पंजीकरण पर जांच पूरी होने तक रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि जब तक पंजीकरण से संबंधित सभी तथ्यों की जांच नहीं हो जाती, तब तक इस पर आगे की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने उप रजिस्ट्रार से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने का अनुरोध किया है। शिकायतकर्ता पक्ष चाहता है कि पंजीकरण की वैधता और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों का समाधान किया जाए।पंजीकरण को निलंबित या रद्द करने का निर्णय संबंधित नियमों, दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही लिया जा सकता है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांग और शिकायत पर कार्यालय की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

सोसाइटी के सदस्यों के बीच विवाद सुलझाना क्यों जरूरी?

रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों की सामूहिक जरूरतों और सुविधाओं से जुड़े कामों में भूमिका निभाती है। ऐसी संस्थाओं की कार्यकारिणी, सदस्यता और पंजीकरण से संबंधित विवाद सामने आने पर पारदर्शी प्रक्रिया और दस्तावेजों का सही रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो जाता है।वंशिका होम्स सोसाइटी के मामले में भी शिकायतकर्ता पक्ष ने पंजीकरण की प्रक्रिया और आगामी चुनावों से जुड़े सवाल उठाए हैं। यदि विवाद का समय रहते समाधान नहीं होता, तो सदस्यों के बीच मतभेद बढ़ने की आशंका रह सकती है।ऐसे मामलों में संबंधित कार्यालय की जिम्मेदारी होती है कि शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच लागू नियमों के अनुसार की जाए। इससे विवाद से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।

अब उप रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी नजर

वंशिका होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के पंजीकरण को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद अब संबंधित कार्यालय की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। करीब 200 लोगों ने विरोध जताते हुए पंजीकरण पर रोक लगाने और सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग की है।शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, सोसाइटी की कार्यकारिणी के चुनाव 25 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं और इसकी सूचना 13 अक्टूबर को कार्यालय को दी गई थी। ऐसे में पंजीकरण से जुड़े विवाद की जांच और चुनाव प्रक्रिया की स्थिति पर सदस्यों की नजर रहेगी।फिलहाल, पंजीकरण में अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले में वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड की जांच, उप रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्रवाई और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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Stv News Rajasthan

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