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केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल के पिता ने चुप्पी साधी, बोले- ‘इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहता’

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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के सिलसिले में उनके घर आई थी, लेकिन उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

सिया के पिता बोले- पुलिस घर आई, लेकिन मुझसे पूछताछ नहीं हुई

आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस उनके घर जांच के लिए पहुंची थी और करीब 30 से 45 मिनट तक वहां मौजूद रही। हालांकि, उनका कहना है कि पुलिस ने उनसे कोई सवाल नहीं पूछा। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। इसी कारण उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।

पुलिस हत्या की साजिश के एंगल से कर रही जांच

पुलिस के अनुसार, 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। शुरुआती स्तर पर इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब इस मामले की जांच कथित हत्या और आपराधिक साजिश के दृष्टिकोण से कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में, पूछताछ जारी

इस मामले में पुलिस ने केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के विभिन्न पहलुओं की पुष्टि के लिए दोनों के बयानों का अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।

पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति के लिए अदालत का रुख

जांच एजेंसी ने मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पुलिस का मानना है कि इससे जांच में कुछ नए सुराग मिल सकते हैं। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत पॉलीग्राफ टेस्ट के परिणाम स्वयं में अंतिम या निर्णायक साक्ष्य नहीं माने जाते, बल्कि उन्हें जांच में सहायक सामग्री के रूप में देखा जाता है। अंतिम निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

डिजिटल साक्ष्यों और पारिवारिक बयानों की भी जांच

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मोबाइल फोन, इंटरनेट गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। एफआईआर में दर्ज तथ्यों के अनुसार, सगाई के बाद केतन अग्रवाल ने अपने परिवार से रिश्ते को लेकर कुछ आशंकाएं साझा की थीं। पुलिस इन सभी जानकारियों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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