काले कपड़ों में संसद पहुंचा विपक्ष, शिक्षा मुद्दों पर सरकार को घेरा; केसी वेणुगोपाल के तीखे आरोप
संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट परीक्षा, कथित पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध जारी रहा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार से चर्चा की मांग की। इस दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए, जबकि सरकार पहले भी इन मुद्दों पर चर्चा के लिए अपनी प्रक्रिया और रुख स्पष्ट करती रही है।
केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में कांग्रेस सांसद और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष लगातार नीट परीक्षा, कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन विषयों पर व्यापक बहस से बच रही है। राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कई राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं और कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को संसद और जनता के बीच लगातार उठाता रहेगा। ये बयान कांग्रेस का पक्ष हैं।
तीन प्रमुख मांगों पर अड़ा विपक्ष
कांग्रेस ने कहा कि वह तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर चर्चा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग शामिल है। विपक्ष का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद
बुधवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने भाग लिया। विपक्ष का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों के समर्थन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया।
प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने युवाओं की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही उन्होंने शिक्षा पर सरकारी प्राथमिकताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और जवाबदेही के जरिए होना चाहिए। यह कांग्रेस की ओर से रखा गया राजनीतिक पक्ष है।
पवन खेड़ा ने बताया विरोध का उद्देश्य
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष का विरोध छात्रों से जुड़े मुद्दों, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और हालिया घटनाओं के विरोध में है। उनका कहना है कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और सरकार को विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि वह संसदीय नियमों के तहत चर्चा और जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।