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‘करोड़ों फीस लेने वाले स्टार्स प्रोड्यूसर पर न डालें स्टाफ का बोझ’, केसी बोकाडिया ने की अमिताभ बच्चन की तारीफ

बॉलीवुड में फिल्मों की बढ़ती लागत और सितारों की महंगी फीस को लेकर बहस के बीच वरिष्ठ फिल्म निर्माता केसी बोकाडिया ने कलाकारों की कार्यशैली पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि कई अभिनेता करोड़ों रुपये फीस लेने के बावजूद अपने निजी स्टाफ का खर्च भी निर्माताओं से उठाने की अपेक्षा करते हैं, जिससे फिल्मों का बजट अनावश्यक रूप से बढ़ जाता है। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन के पेशेवर रवैये की सराहना करते हुए उन्हें इंडस्ट्री के लिए मिसाल बताया।

‘निजी स्टाफ का खर्च कलाकारों को खुद उठाना चाहिए’

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में केसी बोकाडिया ने कहा कि आजकल कई कलाकार अपने साथ बड़ी टीम लेकर शूटिंग पर पहुंचते हैं। इस टीम में मेकअप आर्टिस्ट, हेयर स्टाइलिस्ट, मैनेजर, ड्राइवर, फिटनेस ट्रेनर और अन्य कर्मचारी शामिल होते हैं। उनका कहना है कि इन सभी का खर्च अक्सर निर्माता के खाते में जोड़ दिया जाता है, जबकि यह जिम्मेदारी कलाकारों की होनी चाहिए। बोकाडिया के मुताबिक, जब कोई अभिनेता पहले से ही बड़ी फीस ले रहा है तो उसे अपने निजी स्टाफ का खर्च स्वयं वहन करना चाहिए।

अमिताभ बच्चन की प्रोफेशनल सोच की सराहना

बोकाडिया ने अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे करियर में कभी भी अपने निजी कर्मचारियों का खर्च किसी निर्माता पर नहीं डाला। उनके अनुसार, अमिताभ अपने स्पॉट बॉय, मेकअप आर्टिस्ट, ड्राइवर और अन्य स्टाफ की सैलरी स्वयं देते हैं। इतना ही नहीं, वह अपनी वैनिटी वैन और उससे जुड़ी व्यवस्थाएं भी खुद संभालते हैं। बोकाडिया ने कहा कि ऐसे कलाकारों के प्रति निर्माताओं का सम्मान स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है।

‘महंगी डिमांड से बढ़ रहा फिल्मों का बजट’

निर्माता ने कहा कि आजकल कुछ कलाकार वैनिटी वैन में जिम जैसी अतिरिक्त सुविधाओं की मांग भी करते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की सुविधाओं का खर्च भी अंततः निर्माता को ही उठाना पड़ता है, जिससे फिल्म का कुल बजट बढ़ जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ये सुविधाएं पूरी तरह व्यक्तिगत उपयोग के लिए होती हैं, तो उनका आर्थिक बोझ निर्माता पर क्यों डाला जाए।

फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ती लागत पर चिंता

केसी बोकाडिया का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कई फिल्म निर्माता फिल्मों की लगातार बढ़ती लागत को लेकर चिंता जता चुके हैं। इंडस्ट्री के कई लोगों का मानना है कि कलाकारों की फीस के अलावा उनके स्टाफ, यात्रा, होटल और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च भी प्रोडक्शन बजट का बड़ा हिस्सा बनता जा रहा है। इससे मध्यम और छोटे बजट की फिल्मों के लिए वित्तीय चुनौतियां बढ़ रही हैं।

संजय गुप्ता भी उठा चुके हैं यही मुद्दा

इससे पहले फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता भी इसी विषय पर अपनी राय रख चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अमिताभ बच्चन अपने निजी स्टाफ का खर्च कभी निर्माताओं से नहीं करवाते। संजय गुप्ता के अनुसार, पहले के दौर में बड़े सितारे सीमित स्टाफ के साथ काम करते थे, लेकिन अब कई कलाकार 25 से 30 लोगों की टीम के साथ शूटिंग पर पहुंचते हैं। इससे प्रोडक्शन का खर्च लाखों रुपये तक बढ़ जाता है और फिल्मों की लागत पर सीधा असर पड़ता है।

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