झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट में भीषण आग, कूलिंग टावर में भड़की लपटें; एक घंटे में पाया काबू
राजस्थान के झालावाड़ जिले में कालीसिंध सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट नंबर-1 के कूलिंग टावर में आग लगने से हड़कंप मच गया। सोमवार को मरम्मत कार्य के दौरान लगी आग ने टावर के अंदर मौजूद प्लास्टिक की जालियों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना में थर्मल प्लांट को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है। हालांकि, नुकसान का आधिकारिक आकलन होना बाकी है।
मरम्मत कार्य के दौरान कूलिंग टावर में लगी आग
झालरापाटन स्थित कालीसिंध सुपर थर्मल पावर प्लांट की यूनिट नंबर-1 के कूलिंग टावर में सोमवार को अचानक आग लग गई। जानकारी के अनुसार, उस समय टावर में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान आग भड़क उठी और तेजी से फैलने लगी।आग ने कूलिंग टावर के अंदर लगी प्लास्टिक की जालियों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते टावर से धुएं का गुबार उठने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी और कर्मचारी तत्काल सक्रिय हो गए।
दमकल की गाड़ियों ने करीब एक घंटे में पाया काबू
आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया।जानकारी के मुताबिक, करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझाए जाने से राहत मिली। हालांकि, घटना में कितना नुकसान हुआ और किसी कर्मचारी को चोट आई या नहीं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
दो यूनिटों से संचालित है कालीसिंध थर्मल प्लांट
कालीसिंध सुपर थर्मल पावर परियोजना में 600-600 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट स्थापित हैं। दोनों यूनिटों की कुल स्थापित क्षमता 1,200 मेगावाट है।जानकारी के अनुसार, यूनिट नंबर-1 पिछले करीब दो महीने से वार्षिक मरम्मत कार्य के चलते बंद है। मरम्मत कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं होने के कारण मेंटेनेंस की अवधि बढ़ाई गई थी। इसी दौरान कूलिंग टावर में आग लगने की घटना सामने आई।
लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
आग की चपेट में कूलिंग टावर के अंदर लगी प्लास्टिक की जालियां आईं। इससे प्लांट को आर्थिक नुकसान होने की बात कही जा रही है। शुरुआती जानकारी में नुकसान लाखों रुपये का बताया गया है।हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन संबंधित तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। आग किस कारण लगी, इसकी भी पुष्टि होना बाकी है। मरम्मत कार्य के दौरान आग लगने की वजह जानने के लिए घटना की जांच महत्वपूर्ण होगी।
आग लगने की वजह और सुरक्षा इंतजामों पर नजर
कूलिंग टावर में मरम्मत के दौरान आग लगने की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। फिलहाल आग लगने की निश्चित वजह की पुष्टि नहीं हुई है।ऐसे में मरम्मत कार्य के दौरान अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया, आग बुझाने की उपलब्ध व्यवस्था और संभावित तकनीकी कारणों की जांच जरूरी है। वहीं, यूनिट नंबर-1 की मरम्मत और दोबारा संचालन की समयसीमा पर भी घटना के असर की जानकारी सामने आना बाकी है।