‘कांग्रेस को वोट देना यानी गाय को मारना’, कैलाश चौधरी के बयान पर बाड़मेर में सियासी घमासान
राजस्थान निकाय चुनाव के बीच बाड़मेर में गौवंश को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में चौधरी स्थानीय लोगों की बातचीत का हवाला देते हुए कांग्रेस को वोट देने की तुलना गाय को नुकसान पहुंचाने से करते नजर आ रहे हैं। बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गौशालाओं के अनुदान को लेकर भजनलाल सरकार पर सवाल उठाए हैं।
कैलाश चौधरी ने सुनाया चुनाव प्रचार का किस्सा
बाड़मेर में निकाय चुनाव प्रचार के दौरान कैलाश चौधरी का यह वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह एक चुनावी किस्सा सुनाते हुए बताते हैं कि प्रचार के दौरान कुछ लोगों ने उनसे एक नेता को लेकर बातचीत की।
चौधरी के मुताबिक, संबंधित नेता वार्ड में पहुंचकर कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की बात कर रहा था। इस पर स्थानीय लोगों ने कांग्रेस को वोट देने से इनकार किया। चौधरी ने लोगों के हवाले से कहा कि कांग्रेस को वोट देना गाय को मारने जितना पाप माना जाता है।
कांग्रेस को उम्मीदवार नहीं मिलने का दावा
कैलाश चौधरी ने अपने बयान में दावा किया कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसके उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे राजस्थान में कांग्रेस को निकाय चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।
हालांकि, उम्मीदवारों की उपलब्धता और कांग्रेस की चुनावी स्थिति को लेकर कैलाश चौधरी की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। उनका बयान फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है।
गौवंश के मुद्दे पर कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार
इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की गौशालाओं को मिलने वाले सरकारी अनुदान को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर सरकार पर गौशालाओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
गहलोत ने दावा किया कि प्रदेश की 4,523 गौशालाओं में करीब 18 लाख गोवंश मौजूद है और पिछले 10 महीनों से अनुदान की राशि जारी नहीं हुई है।
900 करोड़ रुपये का अनुदान अटकने का दावा
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि करीब 900 करोड़ रुपये का गौशाला अनुदान फाइलों में अटका हुआ है। उनके मुताबिक, अनुदान नहीं मिलने के कारण गौशाला संचालकों को कर्ज लेने और भामाशाहों की मदद से गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
गहलोत ने कहा कि गौसेवा केवल विज्ञापनों और तस्वीरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके लिए जमीन पर भी बजट उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
सूखे की स्थिति को लेकर गहलोत ने जताई चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि प्रदेश में सूखे जैसी स्थिति पैदा होती है तो गोवंश के सामने संकट और बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से गौशालाओं का बकाया अनुदान जारी करने की मांग की।
इस तरह निकाय चुनाव के बीच बाड़मेर में कैलाश चौधरी के बयान और प्रदेश में गौशालाओं के अनुदान को लेकर अशोक गहलोत के आरोपों ने गौवंश के मुद्दे को एक बार फिर चुनावी बहस के केंद्र में ला दिया है।
बयान पर बढ़ सकता है सियासी विवाद
कैलाश चौधरी का बयान सामने आने के बाद अब कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। चुनावी माहौल में धार्मिक और गौवंश से जुड़े मुद्दों पर नेताओं के बयान तेजी से राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते हैं।
फिलहाल चौधरी के वायरल वीडियो में कही गई बातों और गहलोत की ओर से लगाए गए अनुदान संबंधी आरोपों के बीच राजस्थान की राजनीति में गौवंश का मुद्दा चर्चा में है।