डूंगरपुर के चचेरे भाई-बहन की कुंड में डूबने से मौत, बहन को बचाने गया भाई भी डूबा
डूंगरपुर के आसपुर थाना क्षेत्र के कतिसौर गांव से दर्दनाक हादसा सामने आया है। मध्य प्रदेश के महू क्षेत्र स्थित लोधिया कुंड में डूबने से चचेरे भाई-बहन की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घूमने के दौरान बहन का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिरने लगी। उसे बचाने के लिए भाई भी पानी में उतर गया, लेकिन दोनों गहरे पानी में डूब गए। हादसे के बाद मंगलवार को दोनों के शव पैतृक गांव कतिसौर लाए गए, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार के साथ लोधिया कुंड घूमने गए थे
जानकारी के अनुसार कतिसौर निवासी अजीत सिंह चौहान (26) और अंजली चौहान चचेरे भाई-बहन थे। दोनों अपने परिवार के साथ इंदौर में रहते थे। सोमवार को परिवार के कई सदस्य महू के सिमरोल थाना क्षेत्र स्थित लोधिया कुंड घूमने गए थे।
परिवार के साथ महेंद्र सिंह, रोहित सिंह राठौड़, अभिराज सिंह चौहान, अजीत सिंह, अंजली और अश्विनी चौहान शामिल थे। दोपहर करीब 1:30 बजे सभी लोग कुंड के आसपास घूम रहे थे।
हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे थे तीनों
बताया गया कि अंजली, अश्विनी और अजीत एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे चल रहे थे। इसी दौरान अचानक अंजली का पैर फिसल गया। उसके साथ अश्विनी और अजीत भी पानी में गिरने लगे।
पीछे चल रहे महेंद्र और अभिराज ने तत्काल दौड़कर अश्विनी को पानी से बाहर निकाल लिया। लेकिन अंजली और अजीत गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाहर निकाला
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों की मदद से दोनों को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अंजली और अजीत को मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
मंगलवार को गांव लाए गए दोनों शव
हादसे की सूचना मिलने के बाद इंदौर, रतलाम और कतिसौर से परिजन महू पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को मंगलवार को उनके पैतृक गांव कतिसौर लाया गया।
गांव में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
अंजली थी पिता की इकलौती बेटी
परिजनों के अनुसार अंजली अपने पिता की इकलौती बेटी थी। वह इंदौर में कॉल सेंटर में नौकरी करती थी। वहीं अजीत सिंह इंदौर में मेडिकल स्टोर पर काम करता था।
एक साथ परिवार के साथ घूमने निकले दोनों चचेरे भाई-बहन की हादसे में मौत से परिजनों को गहरा सदमा पहुंचा है।