#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर #हेल्थ न्यूज़

जोधपुर प्रसूता मामला: 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, पायलट ने उठाए सवाल

जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है, जिनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसी घटना को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर होने का दावा किया है।

पायलट का हमला: सरकार पर लापरवाही के आरोप

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटा और बीकानेर जैसे मामलों के बाद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते अब जोधपुर में भी ऐसी स्थिति सामने आई है। पायलट ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और आम जनता को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने दोषियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

अस्पताल में सिजेरियन के बाद बिगड़ी हालत

जानकारी के अनुसार, पावटा जिला अस्पताल में 20 जून को सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इन सभी महिलाओं को तुरंत निगरानी में रखा गया, जबकि दो प्रसूताओं की स्थिति गंभीर बनी रही। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। प्रारंभिक जांच में संक्रमण और अन्य मेडिकल कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल सभी मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

मेडिकल टीम की रिपोर्ट और उपचार प्रक्रिया

डॉक्टरों के अनुसार, दो मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर और ऑपरेशन के दौरान हल्की ब्लीडिंग की समस्या सामने आई है। सीनियर डॉक्टरों और माइक्रोबायोलॉजिस्ट की टीम ने सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी मरीज स्थिर हैं और उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं। जिन दो मरीजों की हालत अधिक गंभीर थी, उन्हें विशेष निगरानी के लिए दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है जब सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ी हो। इससे पहले कोटा और बीकानेर में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कुछ मामलों में किडनी फेल और मौत तक की स्थिति बनी थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता पर बहस तेज कर दी है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *