झुंझुनूं धीर सिंह हत्याकांड: 10 साल 4 महीने बाद गिरफ्तार हुआ उम्रकैद की सजा काटकर फरार कैदी
राजस्थान के झुंझुनूं में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा देवी सिंह करीब 10 साल 4 महीने बाद पुलिस के हाथ लगा है। वह 2016 में खुली जेल से फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार, फरारी के बाद वह बेंगलुरु की एक पेपर मिल में मजदूरी कर रहा था और परिवार के संपर्क में भी था। गांव महनसर आने की सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे बिसाऊ बस स्टैंड से पकड़ लिया।
धीर सिंह की हत्या के मामले में हुई थी उम्रकैद
यह मामला 23 दिसंबर 2007 की रात का है। झुंझुनूं जिले के महनसर निवासी देवी सिंह जागरण से लौट रहा था। रात करीब 11:30 बजे रास्ते में उसकी मुलाकात गांव के ही धीर सिंह शेखावत से हुई।किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। जानकारी के अनुसार, धीर सिंह के पास एक लाठी थी। इसी दौरान देवी सिंह ने उसी लाठी से धीर सिंह पर हमला कर दिया।हमले के बाद देवी सिंह वहां से अपने घर चला गया। दूसरी ओर, घायल धीर सिंह को ग्रामीण अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के दो-तीन दिन के भीतर देवी सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।मामले की सुनवाई करीब तीन साल चली। इसके बाद 23 अप्रैल 2010 को अदालत ने देवी सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अच्छे आचरण के चलते खुली जेल में किया गया था शिफ्ट
अदालत से सजा मिलने के बाद देवी सिंह को बीकानेर जेल भेजा गया था। जेल में उसका आचरण ठीक रहने के कारण वर्ष 2016 में उसे झुंझुनूं की खुली जेल में शिफ्ट किया गया।हालांकि, खुली जेल में आने के कुछ समय बाद ही वह फरार हो गया। उसने 14 जून 2016 को जेल छोड़ दी थी। इसके बाद जेल प्रहरी बद्रीप्रसाद ने 17 जून 2016 को झुंझुनूं कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसका पता नहीं चल पाया। फरारी के मामले में उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था।
बेंगलुरु की पेपर मिल में मजदूरी कर रहा था
पुलिस के अनुसार, खुली जेल से फरार होने के बाद देवी सिंह बेंगलुरु चला गया था। वहां वह एक पेपर मिल में मजदूरी करने लगा। इस दौरान करीब 10 साल 4 महीने तक वह पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा।बताया गया कि वह इस अवधि में अपने परिवार के संपर्क में भी बना रहा। हालांकि, पुलिस को उसकी मौजूदगी की जानकारी नहीं मिल पाई थी।चुनाव के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को उसके गांव महनसर आने की सूचना मिली। इसके बाद झुंझुनूं कोतवाली और बिसाऊ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से उसकी तलाश शुरू की।
बिसाऊ बस स्टैंड से पुलिस ने पकड़ा
सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने देवी सिंह की तलाश शुरू की। रविवार को उसके बिसाऊ बस स्टैंड पर मौजूद होने की जानकारी मिली।इसके बाद बिसाऊ थानाधिकारी उमाशंकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पूछताछ में उसकी पहचान महनसर निवासी देवी सिंह पुत्र शीशपाल के रूप में हुई।झुंझुनूं कोतवाली के एएसआई बलबीर चावला, कांस्टेबल विजेंद्र और कुलदीप ने बिसाऊ पुलिस के साथ कार्रवाई में हिस्सा लिया। पुलिस ने देवी सिंह को डिटेन कर झुंझुनूं कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
दस साल से ज्यादा समय तक फरार रहने का मामला
देवी सिंह की गिरफ्तारी के बाद करीब एक दशक से लंबित फरारी के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। वह हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और खुली जेल से फरार होने के बाद दूसरे शहर में रह रहा था।पुलिस की कार्रवाई के बाद अब उसके खिलाफ फरारी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस मामले में गिरफ्तारी की सबसे अहम बात यह है कि आरोपी लंबे समय तक परिवार के संपर्क में रहने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।