ईरान मुद्दे पर अमेरिका में अलग-अलग संकेत? जेडी वेंस ने बातचीत पर दिया जोर, ट्रंप ने उठाए सवाल
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नेतृत्व से अलग-अलग संदेश सामने आए हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सैन्य कार्रवाई के साथ कूटनीतिक वार्ता को भी जरूरी बताया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, ईरान ने भी फिलहाल अमेरिका के साथ वार्ता दोबारा शुरू करने से इनकार किया है।
जेडी वेंस बोले- केवल सैन्य कार्रवाई से नहीं निकलेगा समाधान
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में केवल सैन्य कार्रवाई से स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य दबाव के बावजूद समुद्री सुरक्षा चुनौतियां बनी रह सकती हैं, इसलिए बातचीत के रास्ते खुले रखना जरूरी है। वेंस ने उन लोगों से भी असहमति जताई जो ईरान के साथ हर तरह की वार्ता बंद करने की बात करते हैं।
ट्रंप ने वार्ता पर जताई अलग राय
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें किसी भी मुद्दे पर कृत्रिम समय-सीमा तय करना पसंद नहीं है। ईरान के साथ वार्ता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान को पहले “जिम्मेदार व्यवहार” करना चाहिए। ट्रंप के हालिया बयान को उनकी पहले की उस टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने वार्ता की उपयोगिता पर सवाल उठाए थे।
ईरान ने भी बातचीत से बनाई दूरी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने कहा कि मौजूदा हालात में तेहरान की अमेरिका के साथ वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। उनके अनुसार, ईरान का प्राथमिक ध्यान वर्तमान सुरक्षा स्थिति और सैन्य चुनौतियों का सामना करने पर है। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष से जुड़े पूर्व समझौतों को लेकर ईरान का रुख बदल चुका है।
होर्मुज संकट से बढ़ी वैश्विक चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदमों पर बनी हुई है।
http://ईरान पर जेडी वेंस और ट्रंप के अलग-अलग बयान, बढ़ी चर्चा