जालमसिंह हत्याकांड: आरोपी चनणाराम विश्नोई को हाईकोर्ट से राहत नहीं, अंतरिम जमानत याचिका खारिज
राजस्थान के चर्चित जालमसिंह हत्याकांड में आरोपी चनणाराम विश्नोई को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। आरोपी ने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान सामने आया कि शादी का निर्धारित कार्यक्रम जून 2026 में ही पूरा हो चुका था। परिवादी पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

मुख्य बातें
- जालमसिंह हत्याकांड में आरोपी को हाईकोर्ट से झटका
- बेटे की शादी के लिए मांगी जमानत, हाईकोर्ट ने किया खारिज
- 15 लाख की मांग और हत्या की धमकी का मामला, हाईकोर्ट का फैसला
JALORE,06NOV. 2026:
बेटे की शादी के नाम पर मांगी थी अंतरिम जमानत
जालोर जिले के सांचौर से जुड़े जालमसिंह हत्याकांड में आरोपी चनणाराम विश्नोई ने राजस्थान हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। याचिका में बताया गया कि उसके बेटे कुलदीप का विवाह समारोह 14 से 28 जून 2026 तक प्रस्तावित था।आरोपी की ओर से दलील दी गई कि उसके पिता का निधन हो चुका है। ऐसे में बेटे के विवाह में पिता की ओर से निभाई जाने वाली रस्मों के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी है। इसी आधार पर एक महीने की अंतरिम जमानत देने की मांग की गई थी।
शादी की तारीख निकलने पर परिवादी पक्ष ने जताई आपत्ति
मामले की सुनवाई न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप माथुर की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। वहीं, परिवादी अनोप सिंह की ओर से अधिवक्ता निखिल भंडारी ने पक्ष रखा।उन्होंने अदालत को बताया कि जिस विवाह समारोह में शामिल होने के लिए जमानत मांगी गई है, उसका निर्धारित कार्यक्रम जून 2026 में ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में अब अंतरिम जमानत देने का कोई औचित्य नहीं है। परिवादी पक्ष की इस दलील से सहमत होते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी।
15 लाख रुपए मांगने और हत्या की धमकी देने का आरोप
मामले के अनुसार, 18 अगस्त 2024 को जालमसिंह के पिता अनोप सिंह ने सांचौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि जालमसिंह हुबली में भागीरथ विश्नोई की लॉज पर काम करता था। वेतन विवाद के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।इसके बाद भागीरथ ने जालमसिंह पर पुलिस मुखबिरी करने और लॉज से डोडा बरामद करवाने का आरोप लगाया। परिवादी के मुताबिक, इसी बात को लेकर उससे 15 लाख रुपए मांगे गए और जान से मारने की धमकी दी गई।
घर से निकला जालमसिंह वापस नहीं लौटा
परिवादी अनोप सिंह के अनुसार, 17 अगस्त 2024 को जालमसिंह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में भागीरथ ने फोन कर उसके अपहरण की जानकारी दी। साथ ही 15 लाख रुपए नहीं देने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी गई।पुलिस ने मामले में भागीरथ, चनणाराम और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट पेश की गई। फिलहाल मामला सांचौर के अपर सत्र न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस का पक्ष
जालमसिंह हत्याकांड में आरोपी को हाईकोर्ट से झटका
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