जयपुर नगर निगम की पहली बैठक में महिला पार्षदों की जगह पति और सहयोगी नजर आए, प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल
जयपुर। जयपुर नगर निगम के विद्याधर नगर जोन की पहली बैठक में मंगलवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा छेड़ दी। बैठक में कुछ महिला पार्षद खुद मौजूद नहीं थीं। उनकी जगह उनके पति या करीबी राजनीतिक सहयोगी बैठक में नजर आए।नगर निगम चुनाव के बाद हुई इस पहली बैठक में वार्डों से जुड़े सफाई, लाइट, अतिक्रमण, सीवर और अन्य जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। लेकिन महिला पार्षदों की जगह पुरुष रिश्तेदारों की मौजूदगी भी बैठक का प्रमुख चर्चा का विषय बनी रही।
वार्ड 8 की पार्षद की जगह पहुंचे पूर्व पार्षद पति
विद्याधर नगर जोन की बैठक में वार्ड 8 से निर्दलीय पार्षद चुनी गईं मंजू कांवट खुद मौजूद नहीं थीं। उनकी जगह उनके पति और पूर्व पार्षद दिनेश कांवट बैठक में पहुंचे।दिनेश कांवट पहले भी पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में नगर निगम की पहली बैठक में उनकी मौजूदगी पर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। सवाल यह भी उठा कि जनता ने जिस महिला प्रतिनिधि को चुना है, उसकी जगह बैठक में पति की मौजूदगी किस तरह की राजनीतिक भागीदारी को दर्शाती है।
वार्ड 7 में पार्षद पति के साथ पहुंचीं
वार्ड 7 से कांग्रेस पार्षद पूनम तिवाड़ी बैठक में अपने पति और पूर्व पार्षद प्रदीप तिवाड़ी के साथ पहुंचीं। बैठक में वार्ड से जुड़े मुद्दों और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।महिला पार्षदों के साथ उनके राजनीतिक रूप से सक्रिय पतियों की मौजूदगी जयपुर की स्थानीय राजनीति में परिवार की भूमिका को लेकर भी चर्चा का विषय बनी।
वार्ड 18 में भी पार्षद की जगह कांग्रेस नेता मौजूद
वार्ड 18 से कांग्रेस की पार्षद वंदिता शर्मा की जगह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अरविंद कूलवाल बैठक में मौजूद रहे।एक ही जोन की पहली बैठक में महिला पार्षदों की जगह पति या राजनीतिक सहयोगियों की मौजूदगी ने महिला प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े किए। हालांकि बैठक में किसी महिला पार्षद की अनुपस्थिति का कारण क्या था, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।
जयपुर में कई महिलाएं खुद बनीं राजनीतिक पहचान
जयपुर की राजनीति में ऐसी कई महिला जनप्रतिनिधि भी रही हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक सफर में खुद अपनी पहचान बनाई। उन्होंने पार्षद से लेकर महापौर और दूसरे महत्वपूर्ण पदों तक जिम्मेदारियां संभालीं।
राखी राठौड़
राखी राठौड़ तीन बार पार्षद रह चुकी हैं। वर्तमान में वह भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष हैं।
ज्योति खंडेलवाल
ज्योति खंडेलवाल पहले पार्षद बनीं और इसके बाद जयपुर की महापौर रहीं। उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा।
शील धाभाई
शील धाभाई जयपुर की महापौर रह चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव भी लड़ा।
कुसुम यादव
कुसुम यादव दो बार पार्षद रहीं। उन्होंने कार्यवाहक महापौर के तौर पर भी हैरिटेज नगर निगम की जिम्मेदारी संभाली।
सौम्या गुर्जर
सौम्या गुर्जर पार्षद बनने के बाद ग्रेटर जयपुर नगर निगम की महापौर बनीं। उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
अर्चना शर्मा
अर्चना शर्मा पहले पार्षद रह चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।
मुनेश गुर्जर
मुनेश गुर्जर पहली बार पार्षद बनीं और बाद में जयपुर हेरिटेज नगर निगम की महापौर बनीं।
सुमन शर्मा
सुमन शर्मा ने पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने महापौर का चुनाव लड़ा और राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी रहीं।
बैठक में सफाई और लाइट व्यवस्था पर जोर
विद्याधर नगर जोन की बैठक में नगर निगम महापौर सुनील कोठारी ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि आमजन को नगर निगम के कामों के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें। दीपावली को देखते हुए वार्डवार विशेष सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
पार्षदों ने उठाए वार्डों के मुद्दे
बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इनमें हूपर्स की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, यूडी टैक्स, सीवर लाइन और पशु प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।इसके अलावा अतिक्रमण की समस्या को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से वार्डों में लंबित समस्याओं के समाधान और जनसुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया।
मांस की दुकानों को लेकर उप महापौर ने दिए निर्देश
उप महापौर सरोज कंवर ने पशु प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंगलवार को मांस की दुकानें खुली नहीं रहें। उन्होंने संबंधित व्यवस्था की निगरानी करने के लिए अधिकारियों को कहा।बैठक में सामने आए मुद्दों के बीच महिला पार्षदों की जगह पति और राजनीतिक सहयोगियों की मौजूदगी ने स्थानीय राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व की वास्तविक भूमिका पर बहस जरूर छेड़ दी है।