जयपुर ACB ट्रैप केस: FIR में खुलासा, खिड़की से फेंकी गई रिश्वत
जयपुर के गणगौर होटल में एसीबी की ट्रैप कार्रवाई से जुड़ी एफआईआर में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दहेज प्रताड़ना मामले में राहत दिलाने और धाराएं हल्की करने के नाम पर कर्नाटक पुलिस के तीन कर्मियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा। ट्रैप टीम के पहुंचते ही आरोपी घबरा गए और रिश्वत की रकम खिड़की से नीचे लॉन में फेंक दी, जहां से बाद में नोट बरामद किए गए। पूरी घटना अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
रिश्वत का पूरा मामला और आरोप
एफआईआर के अनुसार मामला दहेज प्रताड़ना केस से जुड़ा है, जिसमें कर्नाटक पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर अनीथा के., हेड कांस्टेबल उलवप्पा और एक अन्य कर्मचारी यतीश पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि केस को कमजोर करने और धाराएं हल्की करने के बदले पहले दो लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में 40 हजार रुपये पर तय किया गया। परिवादी ने यह रकम जयपुर के गणगौर होटल में पहुंचाई, जहां ट्रैप कार्रवाई की योजना पहले से तैयार थी।
होटल रूम 303 में फेंके गए नोट और बरामदगी
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, परिवादी से रकम लेने के बाद हेड कांस्टेबल ने उसे बैग में रख लिया था। इसी दौरान एसीबी की टीम अचानक कमरे में पहुंची। टीम को देखते ही आरोपी घबरा गया और बैग से नोटों की गड्डी निकालकर कमरे की खिड़की से नीचे लॉन में फेंक दी। बाद में एसीबी ने गवाहों की मौजूदगी में मौके से 38 हजार रुपये असली और 2 हजार रुपये डमी नोट बरामद किए और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
बातचीत में सामने आई डील की परतें
केस डायरी में दर्ज बातचीत से रिश्वत की पूरी डील उजागर हुई है। परिवादी ने जब केस हल्का करने के लिए राशि पूछी तो आरोपियों ने दो लाख रुपये की मांग की, जिसमें एसआई के लिए 50 हजार और अन्य के लिए 25-25 हजार रुपये तय किए गए। बाद में यह राशि घटाकर 40 हजार रुपये पर सहमति बनी। बातचीत में यह भी सामने आया कि बाकी रकम बाद में बेंगलूरु आकर देने की बात कही गई थी।
ट्रैप के बाद आरोपियों के बयान और जांच
एसीबी टीम की पूछताछ में जब आरोपियों से रिश्वत और खिड़की से पैसे फेंकने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। महिला एसआई ने भी किसी जानकारी से इनकार किया, जबकि परिवादी ने आरोप लगाया कि पैसे उसी के कहने पर लिए गए थे। फिलहाल एसीबी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।