इजरायल-हिजबुल्लाह तनाव के बीच लेबनान का बड़ा बयान, कहा- गलतियां अपनी जगह, लेकिन हमारी जमीन पर हमला स्वीकार नहीं
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी तनाव के बीच लेबनान की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिला है। फ्री पैट्रियटिक मूवमेंट (FPM) के प्रमुख गेब्रान बासिल ने हिजबुल्लाह की पिछली गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके आधार पर इजरायल के सैन्य कदमों या लेबनान की संप्रभुता पर हमलों को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सरकारी नियंत्रण को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
हिजबुल्लाह की गलतियां मानीं, लेकिन इजरायल के हमलों का विरोध
लेबनान के प्रमुख नेता गेब्रान बासिल ने कहा कि वर्ष 2006 के युद्ध के बाद हिजबुल्लाह ने कई ऐसे फैसले लिए, जिन पर सवाल उठाए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इन गलतियों के कारण इजरायल की सैन्य कार्रवाई या लेबनान की जमीन पर किसी तरह के कब्जे को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, किसी भी विवाद का समाधान देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और हथियारों पर सरकारी नियंत्रण की मांग
बासिल ने कहा कि उनकी पार्टी केवल लेबनान के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देती है और किसी बाहरी शक्ति के प्रभाव में नहीं है। उन्होंने सरकार से व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति तैयार करने की मांग की, ताकि देश से जुड़े अहम फैसले स्वतंत्र रूप से लिए जा सकें। साथ ही उन्होंने सभी हथियारों को सरकारी नियंत्रण में लाने की आवश्यकता पर बल दिया, लेकिन यह भी कहा कि ऐसा कदम देश में किसी नए गृह संघर्ष या अस्थिरता का कारण नहीं बनना चाहिए।
दक्षिण लेबनान में बढ़ा तनाव, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
हालिया घटनाक्रम के बाद दक्षिण लेबनान के सीमावर्ती इलाकों में तनाव और बढ़ गया है। सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण कई क्षेत्रों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच लेबनान मुद्दा भी चर्चा में
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ताओं में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया कि बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान से जुड़े विषय भी शामिल हैं। उन्होंने दोहराया कि ईरान हिजबुल्लाह के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा और उसे अकेला नहीं छोड़ेगा।