आसाराम को घर का खाना और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं? हाईकोर्ट में सुनवाई अधूरी, आज आ सकता है अहम फैसला
जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद दुष्कर्म मामले के दोषी आसाराम से जुड़ी याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। मामला जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं, इलाज और घर का भोजन उपलब्ध कराने से जुड़ा है। अदालत ने सरकार से पूर्व आदेशों की पालना पर जवाब मांगा है। अब इस मामले में गुरुवार को दोबारा सुनवाई होगी, जहां कोर्ट महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं और भोजन व्यवस्था पर हाईकोर्ट की नजर
राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य मुद्दा यह रहा कि जेल प्रशासन आसाराम को अदालत द्वारा पूर्व में दी गई स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है या नहीं। पहले अदालत ने बीमारी को देखते हुए समय पर चिकित्सा सुविधा, आवश्यक दवाइयां और एक समय घर का बना भोजन देने की अनुमति दी थी। अब कोर्ट यह जानना चाहता है कि इन आदेशों का वास्तविक रूप से कितना पालन हुआ है। इसी संबंध में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है ताकि तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जा सके।
अंतरिम राहत खत्म होने के बाद बढ़ी कानूनी चुनौतियां
स्वास्थ्य आधार पर लंबे समय से मिल रही अंतरिम राहत समाप्त होने के बाद आसाराम की कानूनी स्थिति फिर चर्चा में आ गई है। पिछले करीब दो वर्षों से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर राहत अवधि बढ़ाई जाती रही थी, लेकिन हालिया आदेश में अदालत ने इसे आगे जारी रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद अब जेल में उपलब्ध सुविधाओं और उपचार को लेकर नई कानूनी बहस शुरू हो गई है। अदालत यह भी देख रही है कि स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और न्यायिक प्रक्रिया के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
पीड़िता के अधिकारों पर अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यौन अपराधों से जुड़े मामलों में केवल आरोपी के अधिकारों पर विचार नहीं किया जा सकता। न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पक्ष पीड़ित का सम्मान, सुरक्षा और न्याय की अपेक्षा भी है। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की राहत या सुविधा पर निर्णय लेते समय पीड़ित पक्ष के हितों और संवेदनाओं को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। इस टिप्पणी को मामले की सुनवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाए गए आसाराम
सुनवाई के बीच आसाराम की तबीयत खराब होने की जानकारी भी सामने आई। बताया गया कि मंगलवार शाम स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उन्हें जोधपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज जारी है। दूसरी ओर राज्य सरकार ने अदालत से आदेशों की पालना संबंधी जानकारी प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। अब गुरुवार को होने वाली सुनवाई में सरकार अपना पक्ष रखेगी और अदालत आगे की दिशा तय कर सकती है।