आईपीएस अंशिका वर्मा और के.के. बिश्नोई की शाही शादी चर्चा में, काबिलियत और सादगी ने जीता दिल
प्रयागराज की आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा और राजस्थान के बाड़मेर निवासी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई की शादी इन दिनों सोशल मीडिया और मीडिया जगत में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। राजस्थानी परिधान में सजी अंशिका की सादगी और खूबसूरती ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, वहीं इस चर्चित जोड़ी की शानदार शैक्षणिक उपलब्धियां और यूपीएससी में हासिल रैंक भी लोगों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
सादगी और परंपरा से सजी खास शादी
आईपीएस अंशिका वर्मा और कृष्ण कुमार बिश्नोई की शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई, जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक साफ देखने को मिली। अंशिका वर्मा का पारंपरिक राजस्थानी परिधान और सादगी भरा व्यक्तित्व सभी को आकर्षित कर गया। इस शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दोनों की जोड़ी को खूब सराहा जा रहा है। मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस शादी को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है, जहां लोग इसे “परफेक्ट आईपीएस कपल” बता रहे हैं।
अंशिका वर्मा: प्रयागराज से आईपीएस तक का सफर
अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के बैरहना क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनका जन्म 3 जनवरी 1996 को हुआ और वे तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता अनिल वर्मा यूपीपीसीएल से सेवानिवृत्त अभियंता हैं। अंशिका ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट मैरी कॉन्वेंट गर्ल्स स्कूल, प्रयागराज से पूरी की और इसके बाद नोएडा के गलगोटिया कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक किया। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी की तैयारी की और 2020 में दूसरे प्रयास में 136वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं।
सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन और वर्तमान जिम्मेदारी
आईपीएस बनने के बाद अंशिका वर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान आगरा में कार्य किया और फिर गोरखपुर में एएसपी के पद पर अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वे बरेली में एडिशनल एसपी साउथ के पद पर कार्यरत हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और जनता से जुड़ाव कायम करने के लिए सराहनीय कार्य किए हैं। उनकी कार्यशैली और व्यवहार कुशलता ने उन्हें एक लोकप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचान दिलाई है।
के.के. बिश्नोई: अंतरराष्ट्रीय शिक्षा से आईपीएस तक का सफर
कृष्ण कुमार बिश्नोई राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं और 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक किया और इसके बाद फ्रांस के पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। उन्हें फ्रांस में उच्च वेतन वाली नौकरी का अवसर मिला, लेकिन देश सेवा के जज़्बे के चलते उन्होंने उसे ठुकरा दिया और भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी की।
यूपीएससी में सफलता और प्रशासनिक सफर
कृष्ण कुमार बिश्नोई ने वर्ष 2018 में यूपीएससी परीक्षा दूसरे प्रयास में पास कर 174वीं रैंक हासिल की। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मेरठ में कार्य किया और बाद में गोरखपुर में एडिशनल एसपी सिटी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वे संभल जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर कार्यरत हैं। अपनी सख्त कार्यशैली, ईमानदारी और प्रभावी नेतृत्व के कारण वे एक जांबाज और चर्चित पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।
काबिलियत और सफलता की मिसाल बना आईपीएस कपल
अंशिका वर्मा और के.के. बिश्नोई की जोड़ी न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि पेशेवर उपलब्धियों के मामले में भी प्रेरणादायक है। दोनों ने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की और आज देश सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यही कारण है कि यह शादी सिर्फ एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है।