‘घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाएंगे’, सीमावर्ती जिलों के सम्मेलन में अमित शाह का बड़ा संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के सम्मेलन में देश की सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा आधुनिक और मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित कर रही है, जिससे अवैध घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले तीन वर्षों में नारकोटिक्स के खिलाफ अभियान को भी निर्णायक सफलता मिलेगी।
सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस
सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से नई मजबूती देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा सुरक्षा ढांचा तैयार करना है, जिससे अवैध घुसपैठ की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके। सम्मेलन में पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, म्यांमार और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े 119 जिलों के पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
नारकोटिक्स के खिलाफ तीन साल में निर्णायक सफलता का भरोसा
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में नारकोटिक्स के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा। शाह के अनुसार, सीमा सुरक्षा और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने की रणनीति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और दोनों मोर्चों पर समान रूप से काम किया जा रहा है।
म्यांमार सीमा पर बाड़बंदी और आधुनिक निगरानी पर जोर
अमित शाह ने बताया कि म्यांमार सीमा पर बड़े पैमाने पर बाड़बंदी और आधारभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य केवल सीमा की निगरानी बढ़ाना ही नहीं, बल्कि घुसपैठ, तस्करी, ड्रोन गतिविधियों, साइबर अपराध, संगठित अपराध और कट्टरपंथ जैसी चुनौतियों से समग्र रूप से निपटना भी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में तटीय सीमा सुरक्षा को भी इसी तरह आधुनिक बनाया जाएगा।
‘स्मार्ट बॉर्डर’ और एकीकृत सुरक्षा ग्रिड पर काम
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से एकीकृत सुरक्षा ग्रिड विकसित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सीमा क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शाह के अनुसार, आने वाले समय में भारत की “स्मार्ट बॉर्डर” प्रणाली दुनिया की आधुनिक सीमा सुरक्षा व्यवस्थाओं में शामिल हो सकती है।
जनसांख्यिकीय बदलाव और स्थानीय सतर्कता पर भी जोर
अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों पर सतर्क निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी स्थानीय स्तर से लेकर उच्च स्तर तक समय पर पहुंचनी चाहिए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सीमा क्षेत्रों के विकास, सुरक्षा और पलायन रोकने को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।