‘सीना तानकर खड़ी हूं…’ हार के बाद WFI पर बरसीं विनेश फोगाट, बोलीं- पूरा सिस्टम हमारे खिलाफ था
एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित ट्रायल्स में हार के बाद भारतीय महिला पहलवान और कांग्रेस विधायक Vinesh Phogat का दर्द खुलकर सामने आया। ट्रायल्स में मिली शिकस्त के बाद उन्होंने केवल अपनी हार पर ही नहीं, बल्कि भारतीय कुश्ती व्यवस्था और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। कैमरों के सामने भावुक नजर आईं विनेश ने कहा कि उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया है और आज भी मजबूती से खड़ी हैं, लेकिन खिलाड़ियों को बराबरी का माहौल मिलना चाहिए।
सेमीफाइनल में हार के साथ टूटा एशियन गेम्स का सपना
दिल्ली के Indira Gandhi Indoor Stadium में आयोजित ट्रायल्स के दौरान 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में विनेश को हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ उनका एशियन गेम्स में जगह बनाने का सपना अधूरा रह गया। मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हार खेल का हिस्सा है, लेकिन खिलाड़ियों को निष्पक्ष अवसर मिलना भी उतना ही जरूरी है।
‘मैं आज भी लड़ रही हूं’
हार के बाद भावुक हुई विनेश ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनका कहना था कि वे आज भी सीना तानकर खड़ी हैं और आगे भी संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी केवल मैदान में ही नहीं, बल्कि कई बार व्यवस्था से भी लड़ते हैं। उनके अनुसार, यह लड़ाई केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि खिलाड़ियों के अधिकारों और सम्मान की भी है।
कुश्ती प्रशासन पर लगाए गंभीर सवाल
विनेश ने भारतीय कुश्ती प्रशासन और चयन प्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से खिलाड़ियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, कई बार खिलाड़ियों को खेल से ज्यादा व्यवस्थागत समस्याओं से जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खेल संस्थाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देना होना चाहिए, न कि उनके सामने अतिरिक्त बाधाएं खड़ी करना।
‘पूरा सिस्टम हमारे खिलाफ था’
मीडिया से बातचीत के दौरान विनेश ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि पूरा सिस्टम उनके खिलाफ काम कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को बराबरी और पारदर्शिता का माहौल मिलना चाहिए ताकि उनका प्रदर्शन ही चयन का आधार बने। विनेश का यह बयान सामने आते ही खेल जगत और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
कुश्ती में विवादों का लंबा दौर
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय कुश्ती लगातार विवादों और आंदोलनों के कारण चर्चा में रही है। कई शीर्ष पहलवानों ने खेल प्रशासन और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे माहौल में विनेश का ताजा बयान एक बार फिर कुश्ती संघ और खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर खेल प्रशासन की प्रतिक्रिया भी अहम मानी जा रही है।