सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे ऋतिक रोशन, NEET विवाद पर छात्रों का दर्द किया बयां
NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अनशन पर बैठे शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को अब बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन का समर्थन मिला है। अभिनेता ने छात्रों के मानसिक दबाव पर चिंता जताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। वहीं, वांगचुक ने भी भविष्य के डॉक्टरों और इंजीनियरों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ऋतिक रोशन ने जताया समर्थन
बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए छात्रों की मानसिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि छात्रों पर परीक्षा का दबाव और उससे जुड़ा मानसिक तनाव बेहद गंभीर विषय है, जिस पर पूरे समाज को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।
‘सुपर 30’ के अनुभव का किया जिक्र
ऋतिक रोशन ने कहा कि फिल्म सुपर 30 में शिक्षक का किरदार निभाने के दौरान उन्हें छात्रों के संघर्ष और मानसिक दबाव को करीब से समझने का मौका मिला था। उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र भारी तनाव से गुजरते हैं और परीक्षा प्रणाली पर उठने वाले सवाल उनकी चिंता को और बढ़ा देते हैं।
वांगचुक ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि यदि परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि अयोग्य लोग गलत तरीके से डॉक्टर या इंजीनियर बनेंगे तो भविष्य में आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
वांगचुक ने दावा किया कि परीक्षा संबंधी विवादों और मानसिक दबाव का असर कई छात्रों के जीवन पर पड़ा है। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने समाज से भी अपील की कि शिक्षा से जुड़े ऐसे मुद्दों पर जागरूक रहना और अपनी आवाज उठाना सभी की जिम्मेदारी है।
आंदोलन बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन लगातार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बना हुआ है। कई सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का समर्थन किया है। वहीं, संबंधित मुद्दों पर सरकार और विभिन्न पक्षों के बीच बहस भी तेज होती जा रही है।