जयपुर में JDA और वन विभाग आमने-सामने, प्रतिनियुक्ति पर तैनात 19 अधिकारी-कर्मचारी एक साथ मुख्यालय बुलाए
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और वन विभाग के बीच प्रशासनिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। वन विभाग ने प्रतिनियुक्ति पर JDA की उद्यान शाखा में कार्यरत उप वन संरक्षक समेत 19 अधिकारी-कर्मचारियों को एपीओ कर मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से मानसून के दौरान पौधारोपण, पौधों के वितरण और उद्यानों की देखरेख जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग का बड़ा प्रशासनिक फैसला, 19 अधिकारी-कर्मचारी वापस बुलाए
जयपुर विकास प्राधिकरण की उद्यान शाखा में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को वन विभाग ने अचानक वापस बुलाने का आदेश जारी कर दिया है। विभाग की ओर से जारी दो अलग-अलग आदेशों में उप वन संरक्षक से लेकर वनरक्षक तक कुल 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद जेडीए की उद्यान शाखा में कार्यरत अनुभवी स्टाफ की संख्या एकाएक कम हो गई है। प्रशासनिक हलकों में इस कदम को दोनों विभागों के बीच बढ़ते मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
मानसून अभियान पर पड़ सकता है सीधा असर
वन विभाग के इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव मानसून के दौरान चलने वाले पौधारोपण अभियान पर पड़ सकता है। वर्तमान समय में शहर में बड़े स्तर पर पौधे लगाने, पौधों के वितरण, उद्यानों के रखरखाव और हरित क्षेत्रों की निगरानी का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे समय में अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों के एक साथ हटने से इन योजनाओं की गति प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई कार्यक्रमों के संचालन में व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
तबादला सूची में शामिल अधिकारी भी आदेश की जद में
जानकारी के अनुसार, वन विभाग के आदेश का असर केवल पहले से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा। 10 जुलाई को जारी तबादला सूची के तहत JDA में पदस्थापित किए गए कुछ अधिकारी भी इस आदेश की जद में आ गए हैं। यानी जिन अधिकारियों ने हाल ही में जेडीए में कार्यभार संभाला था या संभालने वाले थे, उन्हें भी मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जेडीए की उद्यान शाखा में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों को किया गया एपीओ
वन विभाग की कार्रवाई में उप वन संरक्षक गुलजारी लाल, सहायक वन संरक्षक नीलोफर, निखिल शर्मा और मयंक महारिया सहित कई क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल, सहायक वनपाल और वनरक्षक शामिल हैं। इनमें विकास शर्मा, पृथ्वीराज मीणा, इंद्रेश यादव, राहुल शर्मा, जितेंद्र सिंह राठौड़, हर्ष कुमार शर्मा, रामकरण मीणा, महेंद्र टारिया, चेतराम, दयानंद यादव, श्याम श्री शर्मा, राजाराम मीणा, कालूराम मौर्य, होशियार सिंह और दिनेश कुमार शर्मा के नाम भी शामिल हैं। सभी को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग ने बताई कार्रवाई की वजह
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) अरिजीत बनर्जी ने स्पष्ट किया कि विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत वन विभाग के कर्मचारियों की समीक्षा की गई है। उनके अनुसार कई अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से अन्य विभागों में कार्यरत थे तथा कुछ स्थानों पर आवश्यकता से अधिक स्टाफ तैनात था। इसी कारण उन्हें वापस मुख्यालय बुलाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विभागीय आवश्यकता के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों की नई तैनाती की जाएगी।
JDA की ओर से फिलहाल स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं
इस पूरे घटनाक्रम पर जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) प्रतिभा पारीक ने कहा कि उन्हें इस विषय की तत्काल जानकारी नहीं है और संबंधित शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी। ऐसे में दोनों विभागों के बीच समन्वय और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर फिलहाल स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
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