पाकिस्तान के सिंध में HIV संकट, अस्पताल की लापरवाही से 78 बच्चे संक्रमित
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक सरकारी अस्पताल से जुड़ा HIV संक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। कराची के कुलसुम बाई वालिका अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण और मेडिकल कचरा प्रबंधन में कथित लापरवाही के कारण कई बच्चों के संक्रमित होने की बात सामने आई है। जांच में 78 बच्चों में HIV संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी दी गई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
कराची के अस्पताल में लापरवाही से फैला HIV संक्रमण
कराची के SITE इलाके में स्थित कुलसुम बाई वालिका अस्पताल में HIV संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है। यह अस्पताल सिंध एम्प्लॉइज सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन (SESSI) के अंतर्गत संचालित होता है। जांच के दौरान अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट में कई खामियां मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस्तेमाल की गई सिरिंजों के निपटान, स्टरलाइजेशन और सुरक्षा प्रक्रियाओं में गंभीर लापरवाही सामने आई है।
78 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि, मौतों की भी रिपोर्ट
सिंध प्रशासन के अनुसार, अस्पताल और आसपास के इलाकों में चलाए गए स्क्रीनिंग अभियान के दौरान कई HIV संक्रमित मरीजों की पहचान हुई। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की बताई जा रही है। अधिकारियों ने शुरुआती जांच में 78 बच्चों में संक्रमण और छह बच्चों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों की जांच लगातार जारी है और संक्रमितों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
10 हजार से ज्यादा लोगों की हुई स्क्रीनिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंध सरकार ने बड़े स्तर पर जांच अभियान शुरू किया। अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में 10,500 से ज्यादा लोगों की HIV स्क्रीनिंग की गई, जिसमें कई संक्रमित पाए गए। इसके अलावा सिंध के अन्य केंद्रों पर भी जांच अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण के स्रोत और इसके फैलने के कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आईं संक्रमण नियंत्रण की बड़ी खामियां
सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने बताया कि आंतरिक जांच में अस्पताल की व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां मिली हैं। रिपोर्ट में संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन नहीं करने, सुरक्षा उपकरणों के सीमित उपयोग और चिकित्सा प्रक्रियाओं में लापरवाही जैसी बातें सामने आई हैं। प्रशासन ने अस्पताल से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
सरकार ने घटिया सिरिंज पर लगाया प्रतिबंध
HIV संक्रमण मामले के बाद पाकिस्तान सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई कदम उठाने शुरू किए हैं। सरकार ने खराब गुणवत्ता वाली सिरिंजों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने सर्जरी से पहले HIV जांच को अनिवार्य करने की बात कही है। सरकार का कहना है कि भविष्य में ऐसे संक्रमण को रोकने के लिए अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाएगा।
WHO ने बताया गंभीर स्वास्थ्य संकट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNAIDS ने पाकिस्तान में HIV संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई है। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग HIV के साथ जीवन जी रहे हैं और कई लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी तक नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच, सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाएं और बेहतर इलाज व्यवस्था संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।
सिंध हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
HIV संक्रमण का यह मामला सिंध हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत में दाखिल याचिका में अस्पताल की व्यवस्थाओं और संक्रमण फैलने के कारणों की जांच की मांग की गई है। प्रशासन की ओर से मामले में जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं ताकि संक्रमण के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।