सवाई माधोपुर में 11 केवी करंट का कहर, युवक की मौत, महिला गंभीर; ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद मुआवजे का आश्वासन
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में बिजली व्यवस्था की गंभीर लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। मलारना डूंगर क्षेत्र के पीलवा नदी गांव में ट्रांसफार्मर में हाई वोल्टेज करंट उतरने से कई घरों में बिजली फैल गई। हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन और बिजली विभाग को हस्तक्षेप करना पड़ा।
ट्रांसफार्मर में हाई वोल्टेज आने से कई घरों में फैला करंट
सोमवार को पीलवा नदी गांव में अचानक ट्रांसफार्मर में 11 केवी बिजली लाइन का करंट उतरने से आसपास के कई मकानों में खतरनाक वोल्टेज फैल गया। घरों में मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। इसी दौरान 30 वर्षीय मोहम्मद इमरान खान करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 27 वर्षीय गुलिस्ता गंभीर रूप से झुलस गईं। ग्रामीणों ने तुरंत दोनों को मलारना डूंगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने इमरान को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
हादसे के बाद अस्पताल के बाहर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और बिजली विभाग की कथित लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि बिजली व्यवस्था में खामियों की अनदेखी के कारण एक युवक की जान चली गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों ने रखीं कई मांगें
प्रदर्शन की सूचना पर तहसीलदार, बिजली विभाग के अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और संबंधित लाइनमैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठाई गई।
5 लाख रुपये सहायता के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
काफी देर तक चली वार्ता के बाद बिजली विभाग के सहायक अभियंता ने मृतक के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है, जबकि घायल महिला का उपचार जारी है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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