2029 तक नशा मुक्त राजस्थान का लक्ष्य, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
राजस्थान को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। नीमराणा दौरे पर पहुंचे एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने विद्यार्थियों और युवाओं से हर प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा और भविष्य को भी प्रभावित करता है। इस दौरान ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
नीमराणा दौरे पर अधिकारियों के साथ की समीक्षा
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा पहुंचे एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार का पुलिस अधिकारियों ने औपचारिक स्वागत किया। पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उन्होंने जिला पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, नशा विरोधी अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में जिले में चल रहे अभियान की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
विद्यार्थियों को दिया जागरूकता का संदेश
मीडिया से बातचीत में आईजी विकास कुमार ने कहा कि वर्ष 2029 तक राजस्थान को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से सूखे नशे सहित सभी प्रकार के मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि छात्र जीवन में ही नशे से दूर रहने का संकल्प लिया जाए तो स्वस्थ समाज और बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने और अपने साथियों को भी जागरूक करने का आग्रह किया।
स्कूल कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दिया प्रभावी संदेश
नीमराणा स्थित पारले स्कूल में आयोजित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों ने संदेश दिया कि नशा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का नुकसान करता है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों और विद्यार्थियों ने नशा मुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प लिया और जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का भरोसा जताया।
जागरूकता के साथ सख्ती पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता पैदा करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को सही दिशा देने के लिए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि समाज, परिवार, विद्यालय और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही नशा मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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