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जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर गहलोत का सरकार पर हमला, बोले- युवाओं की आवाज को नजरअंदाज करना ठीक नहीं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा जारी आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आंदोलन में शामिल युवाओं की शांतिपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए केंद्र सरकार से उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की है। गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और संवाद के जरिए समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है। वहीं छात्र संगठनों ने भी अपने आंदोलन को देशभर में आगे बढ़ाने की घोषणा की है।

लोकतांत्रिक आंदोलन की गहलोत ने की सराहना

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का उदाहरण पेश किया है। उनके अनुसार आंदोलन के दौरान छात्रों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने संयम और अनुशासन नहीं छोड़ा। गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना हर नागरिक का अधिकार है और यदि कोई आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहा है तो उसकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं के धैर्य और अनुशासन की सराहना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का सकारात्मक उदाहरण बताया।

सरकार से संवाद और समाधान की अपील

पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों की चिंताओं को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे सीधे देश के भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए सरकार को आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी विवाद का स्थायी समाधान बातचीत और विश्वास के माध्यम से ही निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की भावनाओं को समझना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में गंभीर पहल की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। हाल के दिनों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने छात्र आंदोलन के समर्थन में अपनी बात रखी है और सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई है। इसी क्रम में गहलोत का बयान भी सामने आया है।

देशभर में आंदोलन को विस्तार देने की तैयारी

इस बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन ने अपने समर्थकों से देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षाएं और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाते रहेंगे। दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की इच्छा भी जताई गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद होता है या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है।

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Stv News Rajasthan

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