सैनिक के बेटे गौरव सिंह का कमाल, NEET UG 2026 में AIR-9 हासिल कर अलवर का बढ़ाया मान
NEET UG 2026 के परिणाम में राजस्थान के अलवर जिले के गौरव सिंह ने शानदार सफलता हासिल की है। गाडुवास गांव के रहने वाले गौरव ने 720 में से 705 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-9 हासिल की है। भारतीय सेना में कार्यरत पिता के बेटे गौरव ने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत को दिया है। उनकी उपलब्धि से गांव और परिवार में खुशी का माहौल है।
अलवर के गौरव ने NEET में हासिल की देशभर में 9वीं रैंक
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जारी NEET UG 2026 परिणाम में अलवर के गौरव सिंह ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 705 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-9 प्राप्त की। गौरव की इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार, शिक्षकों और गांव के लोगों में खुशी की लहर है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
शिक्षकों की सलाह और मां के सहयोग को बताया सफलता का आधार
गौरव सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और मां सीमा देवी को दिया है। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने शिक्षकों की हर सलाह को गंभीरता से अपनाया और उसी दिशा में मेहनत की। गौरव की मां भी बच्चों की पढ़ाई के लिए उनके साथ कोटा में रहीं और लगातार उनका हौसला बढ़ाती रहीं। गौरव का कहना है कि परिवार के सहयोग ने उन्हें कठिन समय में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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सात साल तक कोटा में रहकर की मेडिकल परीक्षा की तैयारी
गौरव पिछले करीब सात वर्षों से कोटा में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा। उनकी बड़ी बहन अनुजा भी मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और वर्तमान में अलवर के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही हैं। बहन की मेहनत और सफलता ने भी गौरव को लगातार प्रेरित किया।
रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी पर दिया जोर
गौरव ने बताया कि क्लास के अलावा वह रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। उनका मानना है कि केवल टेस्ट देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर परीक्षा के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना जरूरी है। उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया और दोबारा वही गलतियां न हों, इस पर ध्यान दिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया।
फौजी पिता के अनुशासन ने दिखाई सफलता की राह
गौरव के पिता राजेश कुमार भारतीय सेना में कार्यरत हैं। गौरव का कहना है कि पिता से मिले अनुशासन और मेहनत की सीख ने उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि सेना से जुड़े परिवार में अनुशासन और जिम्मेदारी का माहौल रहा, जिसने उन्हें लक्ष्य के प्रति लगातार केंद्रित रहने में मदद की।
शुरू से ही पढ़ाई में रहे मेधावी
गौरव सिंह बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे रहे हैं। उन्होंने 10वीं कक्षा में 92 प्रतिशत और 12वीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। NEET UG 2026 में उनकी सफलता के बाद गाडुवास गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिचितों ने गौरव और उनके परिवार को बधाई दी है।
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