गजेन्द्र सिंह शेखावत बोले- भैरोंसिंह शेखावत आधुनिक राजनीति के अजातशत्रु, पंचायत चुनाव में भी भाजपा को समर्थन का भरोसा
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत को आधुनिक भारतीय राजनीति का अजातशत्रु और आदर्श जनसेवक बताया। जोधपुर में उनकी जयंती पर मीडिया से बातचीत करते हुए शेखावत ने उनके राजनीतिक जीवन, अंत्योदय योजना और राजस्थान से गहरे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को मिले समर्थन की पुनरावृत्ति पंचायती राज चुनावों में भी होगी। उनके अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में 41 में से 36 स्थानों पर भाजपा के बोर्ड बने हैं।
भैरोंसिंह शेखावत ने सामान्य परिवार से उपराष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भैरोंसिंह शेखावत का राजनीतिक सफर मेहनत, पुरुषार्थ और दूरदर्शिता का उदाहरण है। उन्होंने सामान्य परिवार में जन्म लेकर अपनी राजनीतिक सूझबूझ और आमजन से जुड़ाव के दम पर देश के उपराष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया।शेखावत के मुताबिक, भैरोंसिंह शेखावत का जीवन कई कठिनाइयों और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी कार्यशैली और राजनीतिक कौशल से अलग पहचान बनाई। उनका प्रभाव केवल राजस्थान तक सीमित नहीं था। उत्तर भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे कई नेताओं ने उनसे मार्गदर्शन और अनुभव प्राप्त किया।
आधुनिक राजनीति के अजातशत्रु के रूप में किया याद
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भैरोंसिंह शेखावत को आधुनिक राजनीति का अजातशत्रु बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शेखावत लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसेवा के आदर्श उदाहरण थे।उनकी राजनीति की एक बड़ी विशेषता आम लोगों से सीधा जुड़ाव था। ऊंचे संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने राजस्थान के गांवों और ढाणियों से अपना संपर्क बनाए रखा। शेखावत ने कहा कि किसी व्यक्ति की वास्तविक मजबूती अपनी जड़ों से जुड़े रहने में होती है।उन्होंने भैरोंसिंह शेखावत को ऐसे राजनीतिक वटवृक्ष के रूप में याद किया, जिनका अनुभव और मार्गदर्शन कई पीढ़ियों के नेताओं के लिए उपयोगी रहा।
अंत्योदय योजना के जरिए गरीबों के कल्याण पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने भैरोंसिंह शेखावत के कार्यकाल में गरीबों और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अंत्योदय योजना को उनकी महत्वपूर्ण पहलों में शामिल बताया।शेखावत ने कहा कि वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री रहते हुए भैरोंसिंह शेखावत ने जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए काम के बदले पारिश्रमिक और खाद्यान्न उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया। इन प्रयासों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत देना था।गजेन्द्र सिंह शेखावत के अनुसार, भैरोंसिंह शेखावत की प्रशासनिक सोच में गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति की आवश्यकताओं को महत्व दिया जाता था। उनकी राजनीतिक विरासत में जनकल्याण से जुड़ी पहल विशेष स्थान रखती हैं।
राजस्थान के गांवों और ढाणियों से बना रहा गहरा जुड़ाव
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भैरोंसिंह शेखावत उपराष्ट्रपति बनने के बाद भी राजस्थान से जुड़े रहे। गांवों, ढाणियों और पंचायतों तक उनके व्यक्तिगत संपर्क थे। उन्होंने संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों के बीच भी अपने प्रदेश के लोगों से जुड़ाव बनाए रखा।शेखावत ने कहा कि बड़ा पद हासिल करने के बाद भी अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। उनके मुताबिक, भैरोंसिंह शेखावत का जीवन इस बात का उदाहरण है कि जनसेवा और लोगों से संवाद किसी नेता की पहचान को मजबूत बनाते हैं।
पार्टी के चुनाव चिह्न पर पंचायत चुनाव कराने का निर्णय अहम
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पंचायती राज चुनावों में राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न के आधार पर चुनाव कराने की व्यवस्था को भैरोंसिंह शेखावत का महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय बताया। उनके अनुसार, इससे भाजपा को गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन का विस्तार करने में मदद मिली।उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से भाजपा गांवों, ढाणियों, मजरों और आदिवासी क्षेत्रों तक अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने में सफल रही। ग्रामीण स्तर पर पार्टी की पहचान मजबूत करने में इस निर्णय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह बयान राजस्थान की ग्रामीण राजनीति में भैरोंसिंह शेखावत की विरासत और भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
पंचायत चुनाव में भी भाजपा को समर्थन मिलने का दावा
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान में चल रहे पंचायती राज चुनावों को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान के दौरान लोगों का रुझान भाजपा के पक्ष में दिखाई दिया है।केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि राजस्थान के 70 प्रतिशत से अधिक स्थानीय निकायों में भाजपा को समर्थन मिला है। उन्होंने पश्चिमी राजस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि 41 में से 36 स्थानों पर भाजपा के बोर्ड बने हैं।शेखावत ने उम्मीद जताई कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिले समर्थन की पुनरावृत्ति पंचायत चुनावों में भी होगी। हालांकि, पंचायती राज चुनावों में पार्टी का वास्तविक प्रदर्शन मतगणना और घोषित परिणामों से ही स्पष्ट होगा।
भैरोंसिंह शेखावत की राजनीतिक विरासत फिर चर्चा में
भैरोंसिंह शेखावत की जयंती के अवसर पर गजेन्द्र सिंह शेखावत का बयान उनके राजनीतिक योगदान और राजस्थान से जुड़ाव को फिर चर्चा में ले आया है। उन्होंने शेखावत के जीवन को मेहनत, जनसंपर्क और गरीबों के कल्याण से जुड़ी राजनीति का उदाहरण बताया।इसके साथ ही पंचायत चुनावों को लेकर दिया गया उनका बयान वर्तमान राजनीतिक माहौल में भाजपा की उम्मीदों को दर्शाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिले समर्थन का असर पंचायती राज चुनावों के नतीजों में किस तरह दिखाई देता है।