UNSC में भारत के लिए फ्रांस की मजबूत पैरवी, G4 देशों की स्थायी सदस्यता का किया समर्थन
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग के बीच फ्रांस ने एक बार फिर भारत की स्थायी सदस्यता का खुलकर समर्थन किया है। फ्रांस ने न सिर्फ भारत बल्कि G4 समूह के अन्य देशों जर्मनी, जापान और ब्राजील के लिए भी स्थायी सीट की वकालत की है। साथ ही अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
सुरक्षा परिषद में सुधार के पक्ष में फ्रांस
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव को लेकर फ्रांस ने अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा को भेजे गए पत्र में फ्रांस ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। फ्रांसीसी प्रतिनिधियों के अनुसार, परिषद की संरचना ऐसी होनी चाहिए जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को बेहतर तरीके से दर्शा सके।
भारत समेत G4 देशों के लिए उठाई आवाज
फ्रांस ने भारत के अलावा जर्मनी, ब्राजील और जापान की स्थायी सदस्यता की मांग का भी समर्थन दोहराया। ये चारों देश G4 समूह का हिस्सा हैं और लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग कर रहे हैं। फ्रांस का मानना है कि इन देशों की वैश्विक भूमिका और योगदान को देखते हुए उन्हें परिषद में स्थायी स्थान मिलना चाहिए।
अफ्रीका के लिए दो स्थायी सीटों की वकालत
फ्रांस ने अफ्रीकी महाद्वीप के लिए भी दो स्थायी सीटें बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उसके अनुसार, इससे ऐतिहासिक असंतुलन को दूर करने और वैश्विक प्रतिनिधित्व को अधिक समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। फ्रांस का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता तभी मजबूत होगी, जब सभी प्रमुख क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
15 से बढ़ाकर 25 सदस्य करने का प्रस्ताव
फ्रांस ने सुरक्षा परिषद की कुल सदस्य संख्या बढ़ाने का भी सुझाव दिया है। मौजूदा समय में परिषद में 15 सदस्य हैं, जिनमें पांच स्थायी और दस अस्थायी सदस्य शामिल हैं। फ्रांस का मानना है कि सदस्य संख्या को बढ़ाकर 25 करने से प्रतिनिधित्व और प्रभावशीलता के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकता है।
स्लोवाकिया ने भी भारत का किया समर्थन
फ्रांस से पहले यूरोपीय देश स्लोवाकिया भी भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष में अपना समर्थन जता चुका है। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान कहा था कि भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में जगह मिलनी चाहिए।
भारत लंबे समय से कर रहा है सुधार की मांग
भारत कई वर्षों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता के विस्तार की वकालत करता रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था और तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति होने के नाते भारत का मानना है कि मौजूदा वैश्विक ढांचे में बदलाव समय की जरूरत है। फ्रांस और अन्य देशों का समर्थन भारत की इस मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती प्रदान कर सकता है।