महाराणा प्रताप जयंती पर वन मंत्री संजय शर्मा ने किया नमन, कहा- स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर प्रेरणा हैं प्रताप
अलवर में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर मोती डूंगरी स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने पुष्पांजलि अर्पित कर महाराणा प्रताप के अद्वितीय साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्श राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाते हैं।
महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के लिए गौरव
वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि पर महाराणा प्रताप जैसे महान योद्धा का जन्म होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रताप ने अपने शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण से इतिहास में ऐसी पहचान बनाई, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका जीवन केवल एक राजा की कहानी नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और संघर्ष की जीवंत गाथा है।
संघर्ष और त्याग की अद्वितीय मिसाल
संजय शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सुख, वैभव और आराम त्याग दिया, लेकिन कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की। उनका जीवन यह संदेश देता है कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के लिए हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। यही कारण है कि उनका नाम भारतीय इतिहास में अमर है।
युवाओं को उनके आदर्शों से सीखने की जरूरत
वन मंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रताप के आदर्श हमें सिखाते हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी कर्तव्य और राष्ट्रहित के मार्ग से पीछे नहीं हटना चाहिए। यदि युवा उनके संघर्ष, अनुशासन और देशभक्ति को अपने जीवन में अपनाएं तो देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
श्रद्धांजलि के साथ लिया आदर्शों पर चलने का संकल्प
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और युवा उपस्थित रहे। सभी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के जीवन और योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।