छबड़ा में खाद संकट पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, SDM ऑफिस के बाहर जाम
राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र में खाद की भारी कमी को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। खाद वितरण ठप होने से नाराज सैकड़ों किसानों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल रहीं। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित करने पड़े।
खाद की कमी से बढ़ा संकट, बुवाई पर खतरा
छबड़ा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खाद की आपूर्ति बाधित होने के कारण किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। रबी या खरीफ बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद न मिलने से किसानों की फसलें प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में बुवाई का समय तेजी से निकल रहा है, लेकिन खाद की अनुपलब्धता के कारण कृषि कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
SDM कार्यालय के बाहर सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन
खाद की कमी से नाराज किसानों ने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तुरंत खाद वितरण शुरू करने की मांग की। इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई। आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस और प्रशासन की समझाइश, अधिकारियों का बयान
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर जाम हटाने की अपील की। इस दौरान सहायक कृषि अधिकारी चौथमल मीणा ने बताया कि वर्तमान में खाद का स्टॉक समाप्त हो चुका है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि नई खाद रैक पहुंचते ही वितरण प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
किसानों की चेतावनी, आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक खाद की नियमित आपूर्ति बहाल नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का आरोप है कि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का यह भी कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।