दिल्ली प्रदर्शन पर बोले फडणवीस, ‘शांतिपूर्ण विरोध अधिकार, लेकिन हिंसा स्वीकार नहीं’
दिल्ली में नीट परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन बिना अनुमति हिंसा, तोड़फोड़ या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी को छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की। वहीं, प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय सामने आई है।
लोकतंत्र में अधिकार के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी : फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस अधिकार के साथ कानूनी प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों का पालन करना आवश्यक है। उनके अनुसार, यदि निर्धारित नियमों और अनुमति के साथ प्रदर्शन किया जाए तो प्रशासन सहयोग करता है, लेकिन कानून व्यवस्था भंग करने या हिंसा का रास्ता अपनाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जा सकती।
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हिंसा और अराजकता पर जताई चिंता
फडणवीस ने कहा कि कई बार आंदोलनों में ऐसे लोग भी शामिल हो जाते हैं जिनका मूल मुद्दे से कोई संबंध नहीं होता। उनके मुताबिक, नेतृत्व कमजोर होने या भीड़ अनियंत्रित होने की स्थिति में कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी परिस्थितियों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिससे प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
पुलिस कार्रवाई को बताया परिस्थितियों के अनुरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सरकार अपने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करना चाहती, लेकिन यदि हालात नियंत्रण से बाहर होने लगें तो कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर हस्तक्षेप नहीं होता तो हालात और गंभीर हो सकते थे।
छात्रों और बाहरी तत्वों को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
फडणवीस ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, कई छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे होंगे। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अन्य लोग आंदोलन का इस्तेमाल अपने अलग राजनीतिक या अन्य उद्देश्यों के लिए करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में वास्तविक प्रदर्शनकारियों और उपद्रव करने वालों के बीच अंतर करना जरूरी है।
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