जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, CM भजनलाल शर्मा ने दिखाई हरी झंडी; प्रदेश में 1150 बसें चलाने की योजना
राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 47 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने खुद बस में सफर कर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा भी लिया। यह कदम राज्य में पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।
जयपुर और भीलवाड़ा में ई-बसों की शुरुआत
नई योजना के तहत जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) के बेड़े में 29 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं, जबकि भीलवाड़ा में 18 ई-बसों का संचालन शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति से इन बसों को रवाना किया और इसे प्रदेश के शहरी परिवहन को नई दिशा देने वाला कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने खुद किया बस का सफर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं इलेक्ट्रिक बस में यात्रा कर सुविधाओं का अनुभव लिया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल यात्रियों को आरामदायक और एसी यात्रा प्रदान करेगी, बल्कि शहरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण को भी कम करने में मदद करेगी।
1150 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य
सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इनमें पहले चरण में 675 बसें और दूसरे चरण में 475 बसों को शामिल करने की स्वीकृति दी गई है। अधिकारियों के अनुसार यह योजना आने वाले वर्षों में राजस्थान के शहरी परिवहन ढांचे को पूरी तरह बदल सकती है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें
नई इलेक्ट्रिक बसों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक फीचर्स से लैस किया गया है। इनमें एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले, ऑटोमैटिक पैसेंजर काउंटर सिस्टम और फायर सेफ्टी उपकरण शामिल हैं। प्रत्येक बस में लगभग 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता है और सभी सीटों पर सीट बेल्ट की सुविधा दी गई है।
सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम
बसों में दो एंट्री-एग्जिट दरवाजों के अलावा चार इमरजेंसी एग्जिट गेट बनाए गए हैं। आपात स्थिति में खिड़कियों के शीशे तोड़ने के लिए हैमर लगाए गए हैं। साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड किट भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
जीपीएस और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम
सभी ई-बसों को जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे उनकी लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। यात्रियों को डिजिटल डिस्प्ले और ऑडियो अनाउंसमेंट के जरिए अगले स्टॉप की जानकारी दी जाएगी। इससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध होगी।
जयपुर की नई पहचान बनी गुलाबी ई-बसें
नई इलेक्ट्रिक बसों को गुलाबी रंग में डिजाइन किया गया है, जो जयपुर की पारंपरिक पहचान को दर्शाता है। ये बसें पूरी तरह शोर-रहित और प्रदूषण मुक्त हैं, जिससे शहर की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
इन रूटों पर शुरू हुआ संचालन
शुरुआती चरण में ई-बसों का संचालन तीन प्रमुख रूटों पर किया गया है—
- कानोता से चौमूं पुलिया (4ए रूट)
- ट्रांसपोर्ट नगर से द्वारकापुरी (3 रूट)
- ट्रांसपोर्ट नगर से वीकेआई 17 नंबर रोड (1ए रूट)
इन रूटों पर रोजाना हजारों यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव
हालांकि फिलहाल केवल 47 बसों का संचालन शुरू हुआ है, लेकिन इसे राजस्थान के शहरी परिवहन में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण, ईंधन लागत और यातायात दबाव के बीच इलेक्ट्रिक बसें भविष्य की जरूरत के रूप में देखी जा रही हैं।