डूंगरपुर अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का लगाया आरोप
राजस्थान के डूंगरपुर स्थित श्री हरिदेव जोशी मेडिकल कॉलेज के मातृ एवं शिशु अस्पताल में प्रसव के दौरान एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
प्रसव के लिए अस्पताल में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार उदयपुर जिले के बावलवाड़ा क्षेत्र के सबरून गांव निवासी ललिता खराड़ी, पत्नी नितेष खराड़ी, को प्रसव पीड़ा होने पर डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित श्री हरिदेव जोशी मेडिकल कॉलेज के मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने चिकित्सकों को प्रसूता की स्थिति से अवगत कराया, लेकिन उनकी शिकायत है कि समय पर आवश्यक चिकित्सा नहीं मिल सकी।
परिजनों का आरोप- उपचार में हुई देरी
परिजनों के अनुसार प्रसव के दौरान गर्भस्थ शिशु की धड़कन कम होने की जानकारी कई बार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को दी गई। उनका आरोप है कि इसके बावजूद समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना है कि काफी देर बाद प्रसव कराया गया, तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। इसके बाद भी प्रसूता की हालत लगातार बिगड़ती रही और बाद में उसकी भी मौत हो गई। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
अस्पताल परिसर में विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी सच्चाई
यह घटना सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल खड़े करती है। हालांकि, इस मामले में मौत का वास्तविक कारण जांच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।