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नागौर में डीएसटी प्रायोजित कार्यशाला का आयोजन, प्रो. डॉ. ममता शर्मा का पर्यावरण संरक्षण पर जोर

नागौर, 24 अप्रैल 2026: राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तत्वावधान में 23 अप्रैल को एसबीआरएम राजकीय महाविद्यालय, नागौर के सभागार में एक दिवसीय राष्ट्रीय जागरूकता कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रख्यात विषविज्ञानी एवं पर्यावरण अधिवक्ता प्रो. डॉ. ममता शर्मा का कीनोट व्याख्यान रहा।

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“भारतीय ज्ञान प्रणाली में कीटनाशकों का उपयोग एवं प्रबंधन” विषय पर अपने संबोधन में प्रो. शर्मा ने पारंपरिक भारतीय पद्धतियों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए रासायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय परंपराओं में उपयोग किए जाने वाले प्राकृतिक कीटनाशक पर्यावरण के अनुकूल होते थे और जैविक खाद के रूप में भी कार्य करते थे।

कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. हरसुख चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का कार्य करते हैं।

यूनेस्को विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में प्रो. शर्मा ने जैव विविधता संरक्षण, मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी पर कीटनाशक प्रदूषण के प्रभावों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नीम, तुलसी एवं अन्य औषधीय पौधों जैसे प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने का आह्वान किया और प्रतिभागियों को कीटनाशक मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में 200 से अधिक वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और किसानों ने भाग लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सतत कृषि को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया गया।

अंत में प्राचार्य प्रो. चौधरी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Stv News Rajasthan

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