अलवर में घर से दस्तावेज और मोबाइल चोरी, खाते से निकले साढ़े तीन लाख रुपये; FIR को लेकर उठे सवाल
अलवर शहर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में चोरी और साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक रिटायर्ड फौजी और रेलवे के पूर्व टीसी के घर में घुसकर चोर महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल फोन ले गया। पीड़ित का आरोप है कि बाद में इन्हीं दस्तावेजों और मोबाइल का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपये निकाल लिए गए। घटना के बाद दर्ज हुई एफआईआर में चोरी का उल्लेख नहीं होने से मामला और चर्चा में आ गया है।
घर में घुसा चोर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल लेकर फरार
पीड़ित अमरीक सिंह के अनुसार घटना उस समय हुई जब वह रात में अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सैनिक कैंटीन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज समेट लिए। आरोप है कि चोर ने बिस्तर के पास रखा मोबाइल फोन भी उठा लिया। मोबाइल ले जाते समय आहट होने पर उनकी नींद खुल गई और उन्होंने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
चोर के पीछे दौड़े पीड़ित, लेकिन नहीं मिला सुराग
अमरीक सिंह का कहना है कि उन्होंने आरोपी का पीछा भी किया और मोहल्ले में “चोर-चोर” चिल्लाते हुए लोगों को सतर्क करने की कोशिश की। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि चोरी हुए दस्तावेज और मोबाइल का इस्तेमाल आगे चलकर बैंक खाते से रकम निकालने में किया जाएगा। पीड़ित को उम्मीद थी कि दस्तावेज और मोबाइल बरामद हो जाएंगे, लेकिन कुछ दिनों बाद बैंक खाते की जानकारी सामने आने पर मामला और गंभीर हो गया।
बैंक स्टेटमेंट ने उड़ाए होश, खाते से निकले लाखों रुपये
घटना के कुछ दिन बाद जब अमरीक सिंह ने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उन्हें बड़ा झटका लगा। स्टेटमेंट के अनुसार 31 मई से 3 जून के बीच अलवर, किशनगढ़बास और तिजारा क्षेत्र में कई ट्रांजेक्शन किए गए थे। इन लेन-देन के जरिए उनके खाते से लगभग साढ़े तीन लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का आरोप है कि चोरी हुए मोबाइल और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह वित्तीय धोखाधड़ी की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को पूरी जानकारी देते हुए विस्तृत शिकायत सौंपी और कार्रवाई की मांग की।
एफआईआर में चोरी का जिक्र नहीं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
मामले में सबसे बड़ा विवाद एफआईआर को लेकर सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि चोर घर में घुसा था और चोरी कर फरार हुआ था। इसके बावजूद दर्ज रिपोर्ट में केवल धोखाधड़ी से संबंधित धारा जोड़ी गई और घटना को दस्तावेज एवं मोबाइल गुम होने के रूप में दर्ज कर लिया गया। चोरी की धाराएं शामिल नहीं होने और घटना का विस्तृत विवरण रिपोर्ट में नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि पूरे मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी और आवश्यक होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।