फर्जी FMGE प्रमाणपत्र के सहारे मेडिकल प्रैक्टिस का आरोप, SOG ने डॉक्टर को किया गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) प्रमाणपत्र के आधार पर मेडिकल पंजीकरण और इंटर्नशिप हासिल करने के आरोप में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी विदेश से एमबीबीएस करने के बाद FMGE परीक्षा पास नहीं कर सका था। इस मामले में पहले भी राजस्थान मेडिकल काउंसिल से जुड़े अधिकारियों सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। SOG पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
विदेश से MBBS के बाद FMGE पास नहीं कर सका आरोपी
SOG के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। भारत में विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए मेडिकल प्रैक्टिस से पहले FMGE परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कई बार यह परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बावजूद भारत में मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया।
फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर पंजीकरण कराने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने एक कथित बिचौलिए के माध्यम से लगभग ₹10 लाख देकर फर्जी FMGE पासिंग प्रमाणपत्र तैयार कराया। इसी दस्तावेज के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई और बाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज, करौली में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया गया। SOG के अनुसार आरोपी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी अस्पताल में इंटर्नशिप भी पूरी की।
SOG की जांच में सामने आया आरोपी का नाम
SOG के अनुसार इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए एक कथित बिचौलिए से पूछताछ के दौरान आरोपी का नाम सामने आया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनका उपयोग करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पहले भी कई आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। अब तक इस प्रकरण में राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार सहित कई अधिकारियों, कथित बिचौलियों और फर्जी दस्तावेजों के सहारे पंजीकरण कराने के आरोपित कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। SOG का कहना है कि मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
100 से अधिक संदिग्ध मामलों की जांच जारी
SOG के अनुसार जांच के दौरान 100 से अधिक ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है। एजेंसी सभी रिकॉर्ड, मेडिकल पंजीकरण और इंटर्नशिप से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इसे भी पढ़ें- राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 2 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना