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मेवात में डिजिटल शिक्षा केंद्र का उद्घाटन, शिक्षा को बताया सामाजिक परिवर्तन की कुंजी

अलवर के बेलाका में “शिक्षा का सामाजिक परिवर्तन में योगदान” विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अलवर मेवात शिक्षा एवं विकास संस्थान और जुगमंदिर तायल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डिजिटल लर्निंग एवं संदर्भ केंद्र का उद्घाटन प्रोफेसर गंगा सहाय मीना ने किया। वक्ताओं ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव और विशेषकर बालिका शिक्षा को सशक्त समाज की आधारशिला बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जीवन सिंह मानवी ने की, जिसमें अनेक शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण प्रतिभागियों ने भाग लिया।

शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन की असली शक्ति

बेलाका में आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रोफेसर गंगा सहाय मीना ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि समाज को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उदाहरण देते हुए बताया कि कठिन सामाजिक परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के बल पर उन्होंने विश्व स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और शिक्षा से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से निरंतर सीखने और संघर्ष करने की अपील की।

बालिका शिक्षा से बदल रहा है समाज का भविष्य

राजकीय महाविद्यालय नूंह की उर्दू प्रोफेसर जहाँ नजीर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा ही जीवन को वास्तविक रोशनी प्रदान करती है। उन्होंने विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यदि लड़कियाँ शिक्षित होंगी तो आने वाली पीढ़ियाँ भी अधिक सशक्त और जागरूक बनेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिलाएँ न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाती हैं, बल्कि पूरे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिक्षा के बिना सामाजिक प्रगति की कल्पना अधूरी है, इसलिए हर स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक है।

मेवात में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव की पहल

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जीवन सिंह मानवी ने कहा कि मेवात क्षेत्र में शिक्षा ने पिछले वर्षों में महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन लाया है। उन्होंने जुगमंदिर तायल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विशेष रूप से बालिका शिक्षा के लिए मजबूत आधार तैयार किया। उनके प्रयासों से क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा की दिशा में नई सोच विकसित हुई है। उद्घाटन किया गया डिजिटल लर्निंग एवं संदर्भ केंद्र आने वाले समय में शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में विविध वक्ताओं की सहभागिता

कार्यक्रम की शुरुआत ऐमिड संस्था के निदेशक नूर मोहम्मद के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने विषय की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर सीए मुख्यार अहमद, पूर्व प्राचार्य महेंद्र गुप्ता, बेलाका सरपंच मुबिन, सुधा तायल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार रखे। मंच संचालन डॉ. भरत मीना ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आशा नारंग द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, ग्रामीण बालिकाएँ, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिससे आयोजन अत्यंत सफल और प्रभावशाली रहा।

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