2-3 दिन बाद भी नहीं उतर रहा बुखार? WHO से जानिए Dengue के शुरुआती संकेत
बरसात के मौसम में बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है। हालांकि हर बुखार सामान्य वायरल संक्रमण नहीं होता। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार यदि तेज बुखार 2-3 दिन बाद भी कम नहीं हो रहा और उसके साथ शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या अत्यधिक थकान महसूस हो रही है, तो यह डेंगू के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते जांच और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
मानसून में बढ़ता है डेंगू का खतरा
बरसात के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू संक्रमण का जोखिम भी बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार डेंगू दुनिया के कई देशों में तेजी से फैलने वाली मच्छर जनित बीमारी है। भारत में हर साल मानसून और उसके बाद इसके मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे होने के कारण कई लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते, जिससे समय पर पहचान और इलाज में देरी हो सकती है।
क्या है डेंगू और कैसे फैलता है संक्रमण?
डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलता है। WHO के मुताबिक यह बीमारी हल्के लक्षणों से लेकर गंभीर रूप तक पहुंच सकती है। कुछ मरीजों में स्थिति गंभीर डेंगू में बदल सकती है, जिसमें शरीर के अंदर रक्तस्राव और अन्य जटिलताएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर चिकित्सा सलाह बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
लगातार तेज बुखार हो सकता है पहला संकेत
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC और ब्रिटेन की NHS के अनुसार संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इनमें अचानक तेज बुखार सबसे सामान्य लक्षण माना जाता है। कई मामलों में शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है। यदि बुखार दो-तीन दिन बाद भी कम नहीं हो रहा हो, तो इसे केवल सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आंखों के पीछे दर्द और शरीर में टूटन को न करें नजरअंदाज
डेंगू के मरीजों में तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और पूरे शरीर में असहनीय दर्द महसूस हो सकता है। मांसपेशियों और जोड़ों में होने वाले दर्द के कारण इसे कई बार ‘ब्रेकबोन फीवर’ भी कहा जाता है। इसके अलावा मतली, उल्टी और लगातार कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों की त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज भी उभर सकते हैं, जो संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।
ये चेतावनी संकेत दिखें तो तुरंत लें चिकित्सकीय मदद
WHO के अनुसार पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक बेचैनी या मल और उल्टी में खून दिखाई देना गंभीर डेंगू के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या हर बुखार डेंगू का संकेत होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बुखार के पीछे वायरल संक्रमण, फ्लू या अन्य कई कारण हो सकते हैं। लेकिन यदि बुखार लगातार बना रहे और उसके साथ डेंगू से जुड़े अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराना जरूरी है। शुरुआती पहचान से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकता है।
डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों और कूलर को ढककर रखें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। इसके अलावा मच्छरदानी का उपयोग और साफ-सफाई बनाए रखना भी संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करता है।