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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को RTI के दायरे में लाने की मांग, सांसद जॉन ब्रिटास ने अमित शाह को लिखा पत्र

सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे में लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मामलों में सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।

गृह मंत्रालय से पुराने फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह

जॉन ब्रिटास ने अपने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय से केंद्रीय सूचना आयोग के उस पूर्व निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है, जिसके तहत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना का अधिकार कानून के दायरे से बाहर माना गया था। सांसद का कहना है कि समय के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षाएं बढ़ी हैं, इसलिए इस विषय पर नए सिरे से विचार किया जाना चाहिए।

पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर दिया जोर

पत्र में सांसद ने कहा कि ट्रस्ट को RTI के दायरे में लाने से प्रशासनिक प्रक्रियाओं, सार्वजनिक दान के उपयोग, वित्तीय प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उनके अनुसार इससे आम लोगों का विश्वास और मजबूत होगा तथा सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

धार्मिक स्वतंत्रता पर असर नहीं पड़ने का तर्क

जॉन ब्रिटास ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सूचना का अधिकार कानून के प्रावधान लागू होने से ट्रस्ट की धार्मिक स्वायत्तता या धार्मिक गतिविधियों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका तर्क है कि RTI केवल प्रशासनिक और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े पहलुओं तक सीमित रहेगा, जबकि धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़े विषय पूर्ववत संचालित होते रहेंगे।

मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

सांसद के पत्र के बाद अब यह देखना होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मांग पर क्या रुख अपनाता है। फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि मंत्रालय इस विषय पर विचार करता है, तो आगे की प्रक्रिया संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप तय होगी।

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