दिल्ली में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या से सनसनी, अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में कैब चालक गिरफ्तार
देश की राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके से सामने आए एक दर्दनाक मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। फुटपाथ पर परिवार के साथ रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पुलिस ने एक कैब चालक को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल कर रही है। इस घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है तथा लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फुटपाथ से लापता हुई बच्ची, परिवार ने दी पुलिस को सूचना
पुलिस के अनुसार पीड़ित बच्ची अपने परिवार के साथ महरौली क्षेत्र में फुटपाथ पर रहती थी। सोमवार तड़के वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सो रही थी। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो बच्ची वहां नहीं मिली। काफी तलाश के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू कर दी। शुरुआती जांच के दौरान एक संदिग्ध वाहन चालक पर शक जताया गया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने का अभियान तेज कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके और आसपास के मार्गों पर लगे बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसके कथित तौर पर मामले में शामिल होने के संकेत मिले। इसके बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों को भी केस का हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि अदालत में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।
जंगल क्षेत्र से बरामद हुआ शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस जांच के दौरान बच्ची का शव एक जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस हत्या और अन्य गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना को अंजाम देने से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियां क्या थीं तथा क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी रही है।
आर्थिक तंगी के कारण फुटपाथ पर रह रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और रोजगार की तलाश में दिल्ली आया था। परिवार पहले किराए के मकान में रहता था, लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण किराया चुकाने में असमर्थ रहा। इसके बाद परिवार को मकान छोड़ना पड़ा और वे फुटपाथ पर रहने लगे। बच्ची ट्रैफिक सिग्नलों और सार्वजनिक स्थानों पर गुब्बारे बेचकर परिवार की मदद करती थी, जबकि उसके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी कर घर चलाते थे। परिवार में चार बच्चे बताए गए हैं और मृत बच्ची उनमें से एक थी।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी एक ऐप आधारित कैब सेवा से जुड़ा चालक है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके खिलाफ पहले कुछ आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, उसके संपर्कों और घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों की विस्तार से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी तथ्यों को एकत्र कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाके में आक्रोश, कड़ी सजा की मांग
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।