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अंजना ओम कश्यप मानहानि केस में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वीडियो हटाने से इनकार

पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल सोशल मीडिया से विवादित वीडियो और पोस्ट हटाने का कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। यह मामला चर्चित शिक्षक खान सर समेत कई अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि कुछ पक्षों की ओर से अभी जवाब दाखिल होना बाकी है, इसलिए मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की गई है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल राहत देने से किया इनकार

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस मधु जैन की अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में कुछ प्रतिवादियों की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है। अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी संख्या 1, 7, 10 और 11 की ओर से जवाब लंबित है। ऐसे में सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। इसी कारण कोर्ट ने सोशल मीडिया से कंटेंट हटाने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया और सुनवाई 2 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।

खान सर समेत कई लोगों को बनाया गया पक्षकार

मानहानि याचिका में अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने खान सर के अलावा अभिनव शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के कुछ यूजर्स को भी पक्षकार बनाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो, पोस्ट और टिप्पणियों के जरिए उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से इन पोस्टों को हटाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें

सुनवाई के दौरान अंजना ओम कश्यप की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार, विशेषकर उनके बच्चे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। याचिका में दावा किया गया कि उन्हें ‘बिकाऊ पत्रकार’, ‘दलाल’, ‘चाटुकार’ और ‘फेक न्यूज की दुकान’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। वहीं प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि यह मामला तत्काल सुनवाई योग्य नहीं है और संबंधित टिप्पणियां सार्वजनिक बहस और प्रतिक्रिया का हिस्सा थीं। उन्होंने अदालत से मामले की सुनवाई नियमित प्रक्रिया के तहत करने का आग्रह किया।

NEET बहस के बाद शुरू हुआ पूरा विवाद

यह विवाद NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक टीवी डिबेट के बाद शुरू हुआ था। आरोप है कि बहस के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कुछ ऑनलाइन शिक्षकों को ‘फ्रॉड’ बताते हुए कहा था कि वे केवल व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और कई लोगों ने उनके खिलाफ पोस्ट और वीडियो साझा किए। प्रतिवादियों का कहना है कि उनकी टिप्पणियां अंजना कश्यप के सार्वजनिक बयानों की प्रतिक्रिया थीं, जबकि याचिकाकर्ता इन्हें मानहानिकारक बता रहे हैं।

अब 2 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को तय की है। तब तक अदालत ने किसी भी प्रकार का अंतरिम प्रतिबंध लगाने से इनकार किया है। अब कानूनी नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत यह तय कर सकती है कि सोशल मीडिया पर मौजूद विवादित सामग्री के संबंध में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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Stv News Rajasthan

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