दिल्ली आबकारी नीति केस: हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया और पाठक को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया
दिल्ली आबकारी नीति मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और अगली सुनवाई 17 और 18 अगस्त को होगी।
हाईकोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
जस्टिस मनोज जैन की पीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि संबंधित प्रतिवादियों की ओर से अब तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। अदालत को यह भी बताया गया कि सुनवाई के दौरान इन तीनों नेताओं की ओर से कोई अधिवक्ता भी उपस्थित नहीं हुआ। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया और कहा कि अब आगे किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
CBI ने निचली अदालत के फैसले को दी है चुनौती
यह मामला उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें निचली अदालत ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक समेत अन्य आरोपियों को दिल्ली आबकारी नीति मामले में डिस्चार्ज (आरोपमुक्त) कर दिया था। सीबीआई ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दायर की है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और निचली अदालत के आदेश की दोबारा न्यायिक समीक्षा आवश्यक है।
CBI ने जल्द सुनवाई की भी मांग की
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ विधि अधिकारियों ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई जल्द की जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत की सूची (रोस्टर) और उपलब्ध समय को देखते हुए फिलहाल निर्धारित तिथियों में बदलाव करना आसान नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो सुनवाई की तारीख पहले करने पर विचार किया जा सकता है।
17 और 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 और 18 अगस्त की तारीख तय की है। साथ ही, अदालत ने निर्देश दिया कि मामले में पहले से लागू अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा। अब सभी पक्षों की ओर से जवाब दाखिल होने के बाद अदालत सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगी।