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दिल्ली महारैली के लिए राजस्थान कांग्रेस को 1 लाख लोगों का टारगेट, पंचायत चुनाव के बीच बढ़ी चुनौती

जयपुर: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस को रैली में एक लाख लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने जयपुर में आयोजित बैठक में यह टारगेट दिया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की चुनौती है। इसी दौरान राजस्थान में पंचायत चुनाव भी चल रहे हैं। ऐसे में पार्टी को चुनावी गतिविधियों और महारैली की तैयारियों के बीच तालमेल बैठाना होगा।

पहले 50 हजार का लक्ष्य, अब एक लाख लोगों को जुटाने की तैयारी

दिल्ली में होने वाली महारैली के लिए राजस्थान कांग्रेस को पहले 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया था। अब इसे बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद प्रदेश संगठन ने जिला स्तर पर तैयारियां तेज करने की रणनीति बनाई है।रैली की तैयारियों की समीक्षा के लिए जयपुर पहुंचे केसी वेणुगोपाल ने कांस्टीट्यूशन क्लब में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती तय समय में इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की है। इसके लिए परिवहन, कार्यकर्ताओं के समन्वय और जिला स्तर पर संगठनात्मक तैयारियों की जरूरत होगी।

पंचायत चुनाव के बीच कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती

राजस्थान में चार चरणों में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता स्थानीय चुनावों में व्यस्त हैं। उन्हें चुनाव प्रचार, जनसंपर्क और संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी निभानी हैं।इसी बीच दिल्ली महारैली के लिए एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। यदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली जाते हैं, तो कुछ क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियों के समन्वय पर असर पड़ने की आशंका है।हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि पंचायत चुनाव और महारैली की तैयारियां साथ-साथ जारी रहेंगी। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि जिन जिलों में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वहां से भी कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच सकेंगे।

जयपुर सहित कई जिलों को दिए गए भीड़ जुटाने के लक्ष्य

पार्टी हाईकमान की ओर से एक लाख लोगों का लक्ष्य तय किए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जिला स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, भरतपुर, करौली और जयपुर ग्रामीण सहित कई जिलों को 10-10 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है।इन लक्ष्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी जिला अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों और विधानसभा व लोकसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को दी गई है। पार्टी संगठन ब्लॉक, जिला और मंडल स्तर पर बैठकें कर रहा है।जिला प्रभारियों और विधानसभा समन्वयकों को भी तैयारियों में शामिल किया गया है। अब इन बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं की भागीदारी और दिल्ली पहुंचने की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

दिल्ली जाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की होगी निगरानी

इस बार महारैली में शामिल होने वाले लोगों की संख्या पर पार्टी हाईकमान विशेष नजर रखेगा। योजना के अनुसार, राजस्थान से दिल्ली जाने वाले प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों में चेक पोस्ट बनाकर निगरानी की जाएगी।भरतपुर, कोटपूतली-बहरोड़, झुंझुनूं और नीमराना सहित दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर व्यवस्थाएं करने की बात कही गई है। शाहजहांपुर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी की योजना है।इन चेक पोस्ट पर दिल्ली जाने वाले वाहनों की संख्या, वाहन नंबर और उनमें सवार कार्यकर्ताओं की संख्या दर्ज की जाएगी। इसके लिए वीडियोग्राफी भी कराए जाने की जानकारी दी गई है।इस व्यवस्था का उद्देश्य जिला स्तर पर दिए गए लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करना है। इससे पार्टी नेतृत्व को यह जानकारी मिल सकेगी कि किस जिले और नेता की ओर से कितने कार्यकर्ता रैली में पहुंचे।

नेताओं की रिपोर्ट राहुल गांधी तक पहुंचने की चर्चा

पार्टी के भीतर इस बात की चर्चा है कि रैली में नेताओं की भागीदारी की रिपोर्ट कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी। इसमें राहुल गांधी के स्तर पर भी जानकारी साझा किए जाने की बात कही जा रही है।बताया जा रहा है कि जिला अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों और अन्य नेताओं की जिम्मेदारियों के अनुसार उनकी ओर से जुटाए गए लोगों की संख्या का आकलन किया जाएगा। हालांकि, इस निगरानी व्यवस्था और रिपोर्टिंग के सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।यदि निर्धारित व्यवस्था लागू होती है, तो रैली में भागीदारी जिला और नेता स्तर पर संगठनात्मक प्रदर्शन का एक पैमाना बन सकती है। इससे पार्टी के भीतर नेताओं की जिम्मेदारियों और तैयारियों पर भी ध्यान रहेगा।

राजस्थान और हरियाणा को मिला एक-एक लाख लोगों का लक्ष्य

पार्टी गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान और हरियाणा को महारैली के लिए एक-एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। राजस्थान की दिल्ली से भौगोलिक निकटता को इसका एक कारण बताया जा रहा है।भरतपुर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, झुंझुनूं, दौसा और जयपुर के कई हिस्सों से दिल्ली पहुंचना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। इन क्षेत्रों से सड़क मार्ग के जरिए कार्यकर्ताओं को रैली स्थल तक लाने की योजना बनाई जा सकती है।हालांकि, कम दूरी होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने के लिए परिवहन, समन्वय और समय प्रबंधन जरूरी होगा। वास्तविक भागीदारी का पता रैली के दिन ही चल सकेगा।

स्वर्णिम चतुर्वेदी बोले- हाईकमान का लक्ष्य पूरा करेंगे

राजस्थान कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने प्रदेश संगठन से जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए विभिन्न जिलों में ब्लॉक, जिला और मंडल स्तर पर बैठकें हो रही हैं।चतुर्वेदी के अनुसार, जिला प्रभारी और विधानसभा समन्वयक तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के बावजूद दिल्ली रैली के लिए कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।उनका कहना है कि जिन जिलों में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वहां से भी कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच सकते हैं। उन्होंने सीमावर्ती मार्गों पर चेक पोस्ट, वीडियोग्राफी और वाहनों में सवार लोगों की संख्या दर्ज करने की योजना की भी जानकारी दी।

एक नवंबर की महारैली पर टिकी प्रदेश कांग्रेस की नजर

दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन है। राजस्थान से एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य प्रदेश संगठन की तैयारियों की परीक्षा भी माना जा रहा है।एक तरफ पंचायत चुनावों में पार्टी की सक्रियता बनाए रखना जरूरी है। दूसरी तरफ हाईकमान की ओर से तय किए गए लक्ष्य के अनुसार कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाना है।अब प्रदेश कांग्रेस के सामने जिला स्तर पर समन्वय, परिवहन व्यवस्था और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की चुनौती है। पार्टी नेतृत्व ने लक्ष्य पूरा करने का भरोसा जताया है। हालांकि, एक लाख लोगों की वास्तविक भागीदारी का आकलन रैली के बाद ही हो सकेगा।

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Stv News Rajasthan

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